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Thursday, March 3, 2016

मुझे देश से नहीं देश में आज़ादी चाहीए : कन्हैया कुमार

कन्हैया कुमार JNU मे

कन्हैया के घर जशन में मोहम्मद मुसलिम और अन्य
जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार गुरुवार शाम तिहाड़ जेल से रिहा हो गए। उन्हें 20 दिन पहले ‘देशद्रोह’ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कन्हैया को बुधवार के दिन  अदालत ने ज़मानत दी थी। वे जब जेएनयू के परिसर में पहुंचे तो वहां उन्हें छात्रों और शिक्षकों ने उनका ज़ोरदार  स्वागत किया। कन्हैया के स्वागत में बड़ी तादाद में छात्र नारेबाजी कर रहे थे और हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे।


कन्हैया ने देर रात कैंपस में भाषण दिया। अपने भाषण में उन्होंने केंद्र सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधा। कन्हैया ने कहा की सरकार जेएनयू को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा हमें भारत से नहीं भारत में आज़ादी चाहीए

उन्होंने अपने भाषण के दौरान भारतरत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भी याद किया। उन्होंने कहा की उन्हें भारतीय संविधान पर पूरा भरोसा है।  कन्हैया ने अदालत पर भी भरोसा जताया।

आपको बता दें की देशद्रोह के आरोप में 12 फरवरी को कन्हैया की गिरफ्तारी हुई थी। कन्हैया पर आरोप है कि उन्होंने जेएनयू परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में देश विरोधी नारे लगाए थे। कन्हैया ने इस आरोप से बार-बार इनकार किया है।

उधर, दिल्ली सरकार की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में नौ फरवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में हुई देश-विरोधी नारेबाजी और जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार में कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है।




Wednesday, February 24, 2016

दिल्ली में जंगल राज और देश मे फासिवाद : नितीश कुमार

"मुख्यमंत्री ने बिहार चुनाव के दौरान आरएसएस प्रमुख पर दिए गये बयानों को फिर से दोहराते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मानसिकता आरक्षण विरोधी है।"
हालिया दिनों में घटी घटनाओं पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को एक बार आड़े हाथों लिया है। नीतीश कुमार ने कहा है कि केंद्र में जंगलराज है तो देश में फासीवाद चल रहा है। मौजूदा वक्त में देश की हालत अराजक हो गई है। बीजेपी जबरन देश के ऊपर अपने विचारों को थोप रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अपनी कैबिनेट के साथ बैठक के बाद बाहर आए मुख्यमंत्री ने बिहार चुनाव के दौरान आरएसएस प्रमुख पर दिए गये बयानों को फिर से दोहराते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मानसिकता आरक्षण विरोधी है।
नीतीश ने कहा कि कहा कि बीजेपी के विचारों से जो सहमत नहीं, वे उनकी नजर में देशद्रोही हैं। उन्होंने एक बार फिर जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार बताए कि कन्हैया ने देश के खिलाफ कौन-सा नारा लगाया था। इसका वे सबूत दें।
रेल बजट को लेकर नीतीश ने निराशा जाहिर की और कहा कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु के बजट से मुझे कोई उम्मीद नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा बहुत सारे प्रोजेक्ट अब तक पेंडिंग पड़े हुए हैं, लेकिन उस पर रेल मंत्री की ओर से कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है। कुछ प्रोजेक्ट तो ऐसे हैं, जो मेरे कार्यकाल के दौरान से ही लटके पड़े हैं लिहाजा मुझे कोई उम्मीद की किरण नजर नहीं आती

Friday, February 19, 2016

JNU विवाद:पूरे बिहार के छात्र एवं युवा कन्हैया के साथ खड़े है-तेजस्वी

पटना। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने जेेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष पर देशद्रोह के आरोप लगाने के मामले पर बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा है कि देशभक्ति की ठेकेदारी तो केवल केंद्र में बैठे लोगों के पास है, दूसरी पार्टी के लोग तो देशद्रोही हैं। तेजस्वी ने कहा कि यह विचारधारा की लड़ाई है। इसमें किसी पर हमला और न्याय की बात कहां से आ गई? इस बारे में हमें प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है।
इससे पहले तेजस्वी ने सोशल मीडिया पर अपने 'दिल की बात' सीरीज में भाजपा पर जमकर हमला किया। तेजस्वी ने ट्वीट किया, "भाजपाई छद्म राष्ट्रवाद की विफलता को उजागर करने के लिए मै दिल की बात के साथ हाजिर हूं। इसके तहत लेखों को पढकर आप इस बारे में अपनी प्रतिक्रियो दे सकते हैं।"
  "बिहार के कन्हैया कुमार का क्या दोष था? बीजेपी कभी साबित नहीं कर पायेगी।
पूरे बिहार के छात्र एवं युवा कन्हैया के साथ खड़े है।"
अपने अगले ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा है कि बीजेपी को युवाओं के डेमोक्रेटिक राइट्स व स्पेस में दखलदांजी नहीं करनी चाहिए।
  "BJP युवाओं के डेमोक्रेटिक राइट्स व स्पेस में दखलदांजी बंद करे अन्यथा जिस दिन इस देश के सारे छात्र एवं युवा एक हो गए आपको कोई ठौर नहीं मिलेगी।"
तेजस्वी ने अपने अगले ट्वीट में भाजपा से कहा है कि आपके स्कूल ऑफ़ थॉट से हमें देशभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए।
  "हम देशभक्त है,बाबासाहेब के संविधान व लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं। आपके"स्कूल ऑफ़ थॉट" से हमें देशभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए।

Sunday, February 14, 2016

मेरा बेटा राष्ट्र विरोधी नहीं, वो हिंदुत्व की राजनीति का शिकार : कन्हैया के पिता जयशंकर सिंह

पटना। राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार के माता-पिता का कहना है कि उनका बेटा राष्ट्र विरोधी नहीं है, वह हिंदुत्व की राजनीति का शिकार हुआ है। कन्हैया कुमार के पिता जयशंकर सिंह ने शनिवार को कहा, “मेरा बेटा राष्ट्र विरोधी नहीं है। उसकी राष्ट्र विरोधी विचारधारा का कोई सवाल ही नहीं उठता। वह अपनी उम्र के हजारों युवाओं के समान ही राष्ट्रवादी है।”
कन्हैया कुमार की मां मीना देवी ने कहा कि उनका बेटा राष्ट्रवादी है, लेकिन वह आरएसएस-भाजपा की हिंदूवादी राजनीति का समर्थक नहीं है। उन्होंने कहा, “हमें उसकी विचारधारा पर गर्व है। इसमें कुछ गलत नहीं है। वह दक्षिणपंथी राजनीति के खिलाफ लड़ रहा है और इसीलिए उसे निशाना बनाया गया है।” कन्हैया कुमार के माता-पिता बिहार के बेगूसराय जिले के मसलानपुर गांव में रहते हैं। यह जिला वामपंथी राजनीति का गढ़ माना जाता है।

सिंह ने कहा कि उनके बेटे को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया है। “वह वामपंथी पार्टी का कार्यकर्ता है और विरोधी पार्टी उसके खिलाफ गंदी राजनीति कर रही है।” कन्हैया की मां ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनका बेटा इस हिंदुत्व की राजनीति के खिलाफ लड़ाई जीत जाएगा।

कन्हैया के पैतृक स्थान के अधिकांश ग्रामीणों ने उसकी गिरफ्तारी को लेकर दुख जताया है। गौरतलब है कि कन्हैया कुमार को कथित तौर पर संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी पर चढ़ाए जाने की बरसी पर जेएनयू के छात्रों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भारत विरोधी नारे लगाने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

INSIDE STORY: भाजपा में आने से पहले विशेश्‍वर ओझा के सिर था 25 हजार का ईनाम

अमरेन्दर कुमार

बिहार में जिस भाजपा नेता विशेश्‍वर ओझा की गोली मारकर हत्‍या हुई थी उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. भाजपा में शामिल होने से पहले विशेश्‍वर ओझा के क्राइम की दुनिया में पैठ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके सिर पर 25 हजार रुपए का ईनाम था. शुक्रवार को अपराधियों ने शाहपुर थाना के सोनवर्षा में विशेश्‍वर ओझा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी.
विशेश्‍वर के नाम से कांपता था दियारा ।
विशेश्वर ओझा की पहचान कभी दियारा के आतंक के रूप में भी होती रही है. पिछले के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्‍हें शाहपुर से प्रत्‍याशी बनाया था, हालांकि वे चुनाव हार गए थे.
जमीन कब्‍जाने के थे कई आरोप
भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड से सटे ओझवलिया गांव के ब्राह्मण परिवार में जन्मे विशेश्वर ओझा की पहचान उनके इलाके में कई रूपों में होती थी. कोई उन्‍हें बाहुबली तो कोई बाबा और कोई नेता जी कहता था. दो भाइयों में सबसे बड़े और इंटर की पढ़ाई करने वाले विशेश्वर ने व्यवसाय में भी हाथ आजमाया, लेकिन उन्हें असली पहचान अपराध की दुनिया से ही मिली.
विशेश्वर को अपने इलाके में जमीन पर कब्जा करने के लिए भी जाना जाता था. विशेश्वर की सोनवर्षा निवासी व दियर (नदी के आसपास का क्षेत्र) इलाके के आतंक के रूप में पहचाने जाने वाले शिवाजीत मिश्र से दोस्ती और दुश्मनी दोनों चर्चा में रहती थी. दोनों ने मिलकर पहले जमीन पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया. हालांकि, हाल के दिनों में दोनों के बीच दुश्मनी थी.
लंबा था सियासी वजूद
विशेश्वर ओझा अपराध के जगत में नाम कमाने के बाद पिछले 15 साल से राजनीति में अप्रत्यक्ष रूप से सक्रिय थे. सबसे पहले 2000 में उन्‍होंने पंचायत चुनावों के रास्ते अपने परिवार की राजनीति में एंट्री कराई. इसके बाद से पीछे मुड़ कर नहीं देखा. विश्वजीत ने 2005 के चुनावों में अपनी पत्नी शोभा देवी को शाहपुर सीट से जदयू का टिकट दिलवाया, लेकिन वो चुनाव हार गईं.
2005 के ही दूसरे विधानसभा के चुनाव में विशेश्वर ने अपने दम पर छोटे भाई की पत्नी मुन्नी देवी को न केवल टिकट दिलवाया, बल्कि चुनावों में जीत दिलाकर इलाके के लोगों को अपनी सियासी ताकत का भी अहसास कराया. मु्न्नी देवी 2010 के चुनावों में भी शाहपुर की सीट जीतकर विशेश्वर के प्रभाव को जमाने में कामयाब रहीं.
25 हजार के रहे हैं इनामी, दिल्ली से हुई थी गिरफ्तारी
विशेश्वर ओझा ने यूं तो 1990 में ही बंदूक उठा लिया था. उनपर हत्या, पुलिस बल पर हमला व गोलीबारी समेत कुल 15 से ज्यादा मामले दर्ज हुए थे.
विशेश्वर पर बिहार से बाहर झारखंड के धनबाद में भी केस दर्ज हुआ था. विशेश्वर ओझा के अपराधिक इतिहास को देखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2002 में उनकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था.
विशेश्वर ओझा को वर्ष 2006 में दिल्ली के सरोजनी नगर से स्पेशल ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया था.
2013 के चुनाव में मिली थी हार

विशेश्वर ओझा ने विधानसभा का टिकट पाने से पहले साल 2013 में आरा-बक्सर स्थानीय निकाय का विधान परिषद का चुनाव भी लड़ा था. इस चुनाव में उनका मुकाबला सुनील पांडेय के भाई और बाहुबली हुलास पांडे से था, जिसमें विशेश्वर को हार का सामना करना पड़ा था.
इसके बाद से ही माना जा रहा था कि विशेश्वर 2015 के चुनावों में भाजपा के टिकट पर शाहपुर से चुनावी मैदान में उतरे. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने इनके इलाके में प्रचार किया, लेकिन वे चुनाव नहीं जीत पाए.
मोदी को माना जाता है सियासी गॉड फादर

बिहार के भाजपा इकाई में विशेश्वर ओझा का खासा प्रभाव है. राजनीति में सुशील कुमार मोदी को उनका गॉड फादर माना जाता था. विधानसभा का चुनाव लड़ने से पहले ओझा पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों से भी जुड़े थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आरा यात्रा के दौरान भी विशेश्वर उन लोगों में शुमार थे, जिन्हें पीएम की आगवानी करने का मौका मिला जाता है.
कार्यक्रम के बाद इसे विशेश्वर के सियासी पैठ से जोड़ कर भी काफी थी

आभार :Pardesh18

Saturday, February 13, 2016

कन्हैया की गिरफ्तारी ने ABVP, संघ और वर्तमान सरकार के स्पष्ट चेहरे को सामने ला दिया है। यह गिरफ़्तारी JNU के भविष्य और देश के लोकतंत्र के लिये खतरा। AIYFबिहार राज्य परिषद

कन्हैयार कुमार  कि गिरफ्तारी ने ABVP, संघ और वर्तमान सरकार के स्पष्ट चेहरे को सामने ला दिया है। यहJNU U के भविष्य और देश के लोकतंत्र के लिये खतरा। AIYF राज्य परिषद बिहार  इसकी घोर निंदा करती है।
ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन की बिहार राज्य परिषद जके सचिव  संजिव कुमार सिंह दुने जारी बेयान में कहा वाहर विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी एवं पिछले दो दिनों से ABVP एवं वर्तमान भाजपा सरकार की और से जो JNU को बद्नाम करने की शाजिशें रची जा रही है उसका घोर निंदा करती है। 
     जैसा की हमसब और पूरे देश की जनता JNU के इतिहास एवम् उसकी प्रगतिशील परंपरा को जानते है जो की दशकों से संघ परिवार और आज की वर्तमान सरकार के लिए लगातार चुनौती बनी हुयी है। उसी का परिणाम था कि संघ नेता सुब्रमण्यम स्वामी एवम् उसका मुख्य पत्र पञ्चजन्य ने आज से पांच महिने पहले हीं JNU को आतंकबाद का गढ़ कहा था और देश में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का केंद्र कहा था। और आज जब देश रोहित को न्याय की मांग कर रही है तो ABVP के हुड़दंग एवम् कुछ अज्ञात, नकबपोस चेहरे के नारे का बहाना बना JNU को पूनः बदनाम करने, वहां के लोकतांत्रिक माहोल को खत्म करने और छात्र आंदोलन को दमित करने का प्रयास कर रही है।
         AIYF कन्हैया की गिरफ़्तारी और इस पूरे घटना क्रम में ABVP, संघ, पूर्वी दिल्ली के भाजपा संसद महेश गिरी और आज के गृहमंत्री की करवायी जाहिर करती है कि JNU को बड़ी साजिश का हिस्सा बना वहां के लोकतांत्रिक माँहोल एवम् आंदोलनों को खत्म करने का प्रयाश है जिसे देश के विद्यार्थियों एवम् जनता को पूरी तरह वेनकाब करते हुए JNU एवम् देश के लोकतंत्र के रक्छा की अपील करते हैं।
     इसके साथ उन अज्ञात नकबपोस लोगों के नारों की निंदा करते हुए सरकार से उनकी पहचान कर फॉरन गिरफ़्तारी की मांग करते हैं। हमें ताज्जुब है कि जो लोग वर्षों से खुले में नारे लगते हुए देश एवम् देश की जनता के सवालों को उठाते रहे, और जो उस संगठन से जुड़ा है जो देश को आजाद करने के लिए असंख्य कुर्बानियां दी उस संगठन के नेता को देशद्रोही के आरोप मेँ गिरफ्तार किया गया है और हुड़दंग करने बाले, हमला करने बाले और नकबपोस खुले घूम रहे हैं।


Friday, February 12, 2016

बिहार में 87000 स्कुल शिक्षक हर दिन मारते हैं बंक


पटना : राज्य के प्रारंभिक स्कूलों में हर दिन करीब 75,000 से 87,000 शिक्षक बिना सूचना के गायब रहते हैं. इसका खुलासा ए. एन. सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान के सर्वे में हुआ हैं. 

सरकार की ओर संस्थान द्वारा कराये गये 'टाइम ऑन टास्क' सर्वे में यह साफ है कि स्कूलों में 19-22 फीसदी शिक्षक बिना सूचना के गायब रहते हैं, जबकि राज्य भर में प्रारंभिक स्कूलों में नियोजित व पुराने वेतनमान वाले शिक्षकों की कुल संख्या 3,95,868 है. इस आधार पर देखा जाये तो हर दिन 75,000 से 87,000 शिक्षक बिना सूचना के स्कूल नहीं आते हैं.

राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डा. डी. एस. गंगवार ने कहा है कि अब अगर शिक्षकों को एक दिन की सीएल (कैजुअल लीव) भी लेनी है तो उन्हें एक दिन पहले इसकी सूचना देनी होगी. इसके लिए अब शिक्षकों को प्रधानाध्यापक से आवेदन स्वीकृत (अप्लीकेशन एप्रुव) कराना होगा. साथ ही प्रधानाध्यापक भी हर दिन इसकी सूचना देंगे कि अगले दिन कौन-कौन शिक्षक अवकाश पर रहने वाले हैं? प्रधानाध्यपक इसकी सूचना मध्याह्न भोजन योजना की मॉनीटिरंग के लिए बनी आइवीआरएस (इंटरेक्टिव वॉइस रिस्पांस सिस्टम) के जरिये देंगे. प्रधानाध्यापक बतायेंगे कि अगले दिन (अगले कार्य दिवस) कितने शिक्षकों को उन्होंने छुट्टी दी है. इसके बाद अगर संंबंधित स्कूल का निरीक्षण किया जाता है 

और शिक्षकों की छुट्टी की एक दिन पहले बतायी गयी संख्या से ज्यादा शिक्षक अनुपस्थित पाये जाते हैं तो वैसे शिक्षकों को बिना सूचना गायब माना जायेगा और उन पर कार्रवाई की जायेगी. 

डा. गंगवार ने कहा कि बिना सूचना के गायब रहने वाले शिक्षकों से प्रारंभिक स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता बाधक हो रही है. इसलिए गुणवत्ता में सुधार के लिए इस निर्देश का कठोरता से पालन किया जाये. उन्होंने सभी डीइओ को निर्देश दिया है कि वे अपने जिले के सभी डीपीओ, बीइओ, प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों को इस संबंध में निर्देश जारी करें और इसका सख्ती से इसका अनुपालन करायें.

Tuesday, September 15, 2015

बिहार चुनाव: बीजेपी की पहली लिस्ट जारी,नंदकिशोर यादव को पटना साहिब गया शहर सीट पर प्रेम कुमार को टिकट

पटना. बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने पहली लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में 43 कैंडिडेट्स के नाम शामिल हैं। बीजेपी की लिस्ट जारी होते ही सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी(RLSP) नाराज हो गई है। पार्टी का कहना है कि सीटों के तालमेल को लेकर बातचीत जारी थी। बातचीत पूरी होने से पहले ही बीजेपी ने अपनी लिस्ट जारी कर दी। ये गठबंधन धर्म के खिलाफ है।
जिन सीटों पर कैंडिडेट्स की घोषणा की गई है उन सभी पर पहले और दूसरे चरण में चुनाव होने हैं। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव पटना साहिब से चुनाव लड़ेंगे। चार बार से गया शहर सीट पर जीतने वाल प्रेम कुमार को एक बार फिर यहीं से उतारा गया है।
उम्मीदवारों की लिस्ट
बेतिया - रेणु देवी
पटना साहिब - नंदकिशोर यादव
रामगढ़ - अशोक सिंह
बोधगया - श्याम देव पासवान
मोतिहारी - प्रमोद कुमार
बेगूसराय - सुरेंद्र मेहता
अरवल - चितरंजन कुमार
औरंगाबाद - रामाधार सिंह
वजीरगंज - विजेंद्र सिंह
हिसुआ - अनिल कुमार सिंह
नोखा - रामेश्वर चौरसिया
बांकीपुर - नितिन नवीन
लखीसराय - विजय कुमार सिन्हा
झाझा - रविंद्र यादव
नवी नगर - गोपाल नारायण सिंह
गया शहर - प्रेम कुमार
बांका - रामनारायण मंडल
सूर्यगढ़ा - प्रेम रंजन पटेल
सराय रंजन - रंजीत निर्गुणी
रोसड़ा (एससी) - मंजू हजारी
तेघड़ा - रामलखन सिंह
मटिहानी - सर्वेश कुमार सिंह
बखरी (एससी) - रामानंद राम
परबत्ता - रामानुज चौधरी
बीहपुर - कुमार शेलेंद्र
गोपालपुर - अनिल यादव
पीरपैती - लल्लन पासवान
कटोरीया (एससी) - निक्की हेम्ब्रम
मुंगेर - प्रणव कुमार यादव
रजौली (एससी) - अर्जुन राम
हिसुआ - अनिल सिंह
मोहनीया (एससी) - निरंजन राम
चैनपुर - बृजकिशोर बिन्द
सासाराम - जवाहर प्रसाद
दिनारा - राजेंद्र सिंह
नोखा - रामश्वर प्रसाद चौरसिया
काराकट - राजेश्वर राज
गोह - मनोज शर्मा
गुरुवा - राजी दांगी
सीतामढ़ी - सुनील कुमार
बेनीपट्टी - विनोद नारायण झा
राजगीर - सत्यदेव नारायण आर्य
आरा - अमरेंद्र प्रताप सिंह

Monday, September 14, 2015

बिहार में एनडीए सीटों का बंटवारा बीजेपी 160, लोजपा 40, रालोसपा 23 और हम 20 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।


पटना. एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया है। अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बीजेपी 160, लोजपा 40, रालोसपा 23 और हम 20 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। शाह ने कहा कि हम को 20 सीटें मिली हैं इसके साथ ही हम के कुछ कार्यकर्ता BJP के टिकट से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम के कितने कार्यकर्ता बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़ेंगे यह फैसला हमने मांझी पर छोड़ा है।
NDA में सीटों का बंटवारा: बीजेपी 160, लोजपा 40, रालोसपा 23 और हम को मिली 20 सीटें
दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि जंगल राज के साथ बिहार का विकास नहीं हो सकता है। जिस कांग्रेस पार्टी ने साढ़े 12 लाख करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार किया है और लालू प्रसाद के जंगल राज के साथ नीतीश कुमार कैसे सुशासन की बात कर सकते हैं। शाह ने कहा कि बिहार की जनता नीतीश को नहीं चाहती है।
अमित शाह ने कहा कि जिस महागठबंधन का मुखिया ही नहीं रहा तो अब महागठबंधन कैसा, पर एनडीए में भाजपा के साथ तीनों सहयोगी दल रालोसपा, हम और लोजपा एकजुट हैं। हमलोगों में कोई विवाद नहीं है। एकजुट होकर हमलोग चुनाव लड़ रहे हैं। एक साथ मिलकर हमलोग कार्यक्रम भी चला रहे हैं।
अमित शाह ने कहा कि जीतन राम मांझी को रविवार की रात बिहार भवन से निकाला गया। हम आम लिची तोड़ने से किसी को नहीं रोकते है। भले ही चुनाव आचार संहिता लागू हो गया है पर प्रावधान के तहत किराये देकर बिहार भवन में रहा जा सकता है। हम इसकी शिकायत बिहार की जनता से करेंगे।


http://www.bhaskar.com/news/c-268-504139-pt0171-NOR.html

Saturday, September 12, 2015

बिहार में तीसरा मोर्चा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार होसकते तारिक़ अनवर

अल्पसंख्यक वोटरों को अपनी ओर खीचने की राजनीति तेज हो गई है। सपा ने इस  के तहत अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार अल्पसंख्यक को बनाने का फैसला किया है। वहीँ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी बिहार में चुनाव लड़ने की घोषणा की है। असदुद्दीन ओवैसी ने सीमांचल में चुनाव लड़ने की घोषणा की है। उन्होंने किसी से गठबंधन के संबंध में अपने पत्ते नहीं खोले हैं। महागठबंधन पहले से ही अल्पसंख्यक वोटरों को अपनी ओर लुभाने के प्रयास में लगी हुई है।
समाजवादी पार्टी और एनसीपी के बीच गठबंधन लगभग अंतिम चरण में है। सूत्रों की माने तो थर्ड फ्रंट के नेता के रूप में सपा एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद तारिक अनवार को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करेगी। इसकी पूरी रणनीति बन गई है, इसकी औपचारिक घोषणा एक दो दिन में की जाएगी।
सीमाचंल के मुसलिम वोटरों को अपनी ओर खींचने के लिए सपा ने फैसला लिया है। राजनीतिक विशलेशक की माने तो सपा इसके तहत प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक को अपने साथ लाने का प्रयास करेगी।

वहीँ सामाजिक कार्यकर्ता  सरवर इक़बाल खान कहते हैं कि  सेक्युलर वोट यू पी ऐ के साथ है। मुसलमान किसी के बहकावे में नहीं आएं गए। 
एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एलान किया है कि उनकी पार्टी इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में उतरेगी। ओवैसी ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी केवल सीमांचल (पूर्णिया, सहरसा, किशनगंज, मधेपुरा, कटिहार, अररिया आदि) इलाके में चुनाव लड़ेगी। फिलहाल इसने किसी से कोई तालमेल के संकेत नहीं दिए हैं। बता दें कि सीमांचल में 5 नवंबर को वोटिंग होनी है।
महागठबंधन का गठबंधन ही अल्पसंख्यक वोटरों को एकजूट करने के लिए हुआ है। लेकिन सपा और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के चुनाव मैदान में आने के बाद इनके विखराव से इंकार नहीं किया जा सकता है।

Thursday, September 10, 2015

बिहार:12 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पांच चरण में होंगे चुनाव।

बिहार:12 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पांच चरण में होंगे चुनाव।
बिहार में विधानसभा चुनाव की
तारीख़ों का बुधवार को एलान हो गया। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी की ओर से की गई घोषणा के बाद मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो गया। ज़ैदी के मुताबिक़ पांच चरणों में चुनाव होंगे।
वोटिंग चरण - तारीख़ - विधानसभा सीटें
पहला - 12 अक्टूबर - 49 सीटें
दूसरा - 16 अक्टूबर - 32 सीटें
तीसरा - 28 अक्टूबर - 50 सीटें
चौथा - 1 नवंबर - 55 सीटें
पांचवां - 5 नवंबर -57 सीटें
काउंटिंग 8 नवंबर को होंगे। चुनाव प्रक्रिया 12 नवंबर तक पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
चुनाव आयोग के अहम एलान --
-कमीशन ने खास तैयारियां की हैं। सिक्युरिटी और त्योहार की तारीखों को ध्यान में रखकर ये तैयारियां की गई हैं।
-सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्सेज की तैनाती। सुरक्षा बेहद कड़ी होगी। घुड़सवार पुलिस, हेलिकॉप्टर्स और स्पेशल बोट्स से निगरानी।
-लाइसेंसी हथियारों को इकट्ठा करने के लिए स्पेशल कमेटियां बनाई गई हैं। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
-पैसों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने को लेकर खास तैयारी। पेड न्यूज और शराब के इस्तेमाल के रोकथाम की खास तैयारी।
-कोशिश रहेगी कि मतदान का रिकॉर्ड टूटे। एक नाम वाले कैंडिडेट्स की वजह से होने वाली गलतफहमी को दूर करने के लिए इस बार ईवीएम पर उनकी फोटोज भी होंगी।
-हर विधानसभा क्षेत्र में दो मॉडल मतदान केंद्र होंगे। मॉडल मतदान केंद्र के जरिए वोटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।
-चुनाव आयोग का भी कोई सदस्य अगर गलत काम करते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अन्य अहम आंकड़े
-6.68 करोड़ वोटर्स बिहार में
-243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव
-38 सीटें अनुसूचित जाति के लोगों के लिए
-47 सीटें नक्सल प्रभावित
-38 में से 29 जिले नक्सल प्रभावित
इस बार कड़ा मुकाबला
चुनाव में एक तरफ एनडीए है तो दूसरी तरफ जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस का ग्रैंड अलायंस
(जिससे सपा और राकांपा बाहर हो चुकी है) है।
एनडीए पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा। रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी और जीतनराम मांझी का हिंदुस्तान आवाम मोर्चा एनडीए में शामिल है। वहीं मोदी विरोधी खेमे के नेता मौजूदा
सीएम नीतीश कुमार हैं। इस अलायंस में दूसरे अहम नेता लालू प्रसाद हैं।

डॉ सैयद अहमद क़ादरी : उर्दू साहित्य का चमकता सितारा।

 

फ़ैसल रहमानी

प्रख्यात उर्दू साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ सैयद अहमद क़ादरी को बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा बिहार उर्दू अकादमी, पटना तथा बिहार राज्य उर्दू परामर्श समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। गया निवासी डॉ क़ादरी के के मनोनयन पर गया सहित राज्य भर के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों एवं पत्रकारों आदि ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी है।

इनमें पूर्व आईजी मासूम अज़ीज़ काज़मी,मुनाज़िर आशिक़ हरगानवी, मसूद मंज़र अधिवक्ता, प्रो ग़ुलाम समदानी, वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल क़ादिर, वरिष्ठ पत्रकार फ़ैसल रहमानी, मुशर्रफ़ अली ज़ौक़ी, नाज़ क़ादरी, अतहर हुसैन अंसारी, अबुज़र उस्मानी, क़ासिम फ़रीदी, मंसूर अहमद एजाज़ी, ज़हीर सिद्दीक़ी, ख़ुर्शीद हयात, प्रो शाहिद रिज़वी आदि प्रमुख हैं। इनलोगों ने आशा व्यक्त किया कि डॉ सैयद अहमद क़ादरी के मनोनयन से दोनों संस्थाओं में कार्यकारिणी के गठन को लेकर लम्बे समय से चल रहा गतिरोध समाप्त जायेगा। इन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि डॉ क़ादरी अपनी क्षमता से अधिक काम कर उर्दू भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार को गति देंगे।
ज्ञात हो कि डॉ सैयद अहमद क़ादरी की दर्जनों पुस्तकें अबतक प्रकाशित हो चुकी हैं। इन पुस्तकों को पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी, उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी, बिहार उर्दू अकादमी सहित कई संस्थानों ने पुरस्कृत किया है। इनकी एक पुस्तक "उर्दू सहाफ़त बिहार में" बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। डॉ क़ादरी को केके बिड़ला फ़ाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा फ़ेलोशिप अवार्ड से भी अलंकृत किया जा चुका है। हाल ही में अमेरिका भ्रमण के दौरान इनके सम्मान में कई गोष्ठियों का आयोजन किया गया। वॉयस ऑफ़ अमेरिका, वाशिंगटन ने डॉ क़ादरी से लिये गये साक्षात्कार को अपने आधे घंटे के एक विशेष कार्यक्रम में प्रसारित भी किया था। डॉ क़ादरी लम्बे समय से साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े हैं।

Sunday, June 21, 2015

सिमुलतला आवासीय विद्यालय की कामयाबी पर झूमा बिहार




--फ़ैसल रहमानी
Purvanchal Post's photo.
जमुई। नेतरहाट के तर्ज़ पर मिनी शिमला के नाम से मशहूर सिमुलतला जैसे छोटे जगह में सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्रों ने पहले ही साल मैट्रिक की परीक्षा में इतिहास रच दिया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी किए गए मैट्रिक के रिज़ल्ट में बिहार के टॉप टेन 31 छात्रों में से सिमुलतला आवासीय विद्यालय के 30 छात्र-छात्राओं ने स्थान पाया है। मैट्रिक की परीक्षा में सिमुलतला आवासीय विद्यालय से 108 परीक्षार्थी शामिल हुए थे जिसमें 55 छात्र व 53 छात्राएं हैं। पहली बार मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बड़ी कामयाबी हासिल की है जिसमें 487 अंक पाकर कुणाल जिज्ञासु व नीरज रंजन बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं 485 अंक लाकर अभिनव कुमार, मुकुल रंजन दूसरे स्थान पर रहे हैं। तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से सोनू कुमार व विवेक वैभव ने 484 अंक प्राप्त किए हैं। बिहार-झारखंड बंटवारे के बाद सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 9 अगस्त 2010 को सिमुलतला आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया था। सिमुलतला आवासीय विद्यालय में छठे क्लास में नामांकन के लिए लगभग 38 हजार छात्रों में से पहले बैच का चयन किया गया था।
मैट्रिक परीक्षा के टॉप टेन की सूची
नाम अंक रैंक
कुणाल जिज्ञासु 487 1 
नीरज रंजन 487 1
अभिनव कुमार 485 2
मुकूल रंजन 485 2
सोनू कुमार 484 3
विवेक वैभव 484 3
मो. आकिब जावेद 483 4
प्रतिभा कुमारी 483 4
मो.अशफाक खालिद 483 4
खुशबू कुमारी 482 5
अभिनव आदर्श 482 5
पल्लवी गुडान 482 5
प्रीति कुमारी 482 5
सूरज कुमार 482 5
शिवम राज 482 5
मुस्कान कुमारी 482 5
अमन कुमार 482 5
शुभम राज 481 6
साकेत कुमार 480 7
विकास कुमार 479 8
कमलेश कुमार 479 8
रोहित कुमार 479 8
कुमार आर्यभट्ट 478 9
अमन कुमार 478 9
अनुराग अंकित 478 9
विवेक कुमार 478 9
कशिश 478 9
अभिषेक कुमार 477 10
धीरज कुमार 477 10

योग दिवस पर बिहार के कदावर नेता लालू प्रसाद ने 22 मिनट के दरम्यान एक के बाद एक 7 ट्वीट किये



आज योग दिवस है तो पक्ष और विपक्ष में बाते तो होगी ही । किन्तु सबसे अधिक कमाल रहा आज बिहार के कदावर नेता लालू प्रसाद ने 22 मिनट के दरम्यान एक के बाद एक 7 ट्वीट किये । आप भी पढ़े वह ट्वीट ...
1.योग जैसे व्यक्तिगत मसले को प्रचार-प्रसार की मदद से मोदी सरकार अपना PR बनाने में जुटी है। ये शरीर को स्वस्थ बनाने का नहीं राजनीति का योग है.
2. बीजेपी के अधिकांश राष्ट्रीय नेताओं,केंद्रीय मंत्रियों,आरएसएस के पदाधिकारियों की तोंद फुली हुई है.भाजपा के नेताओं की चर्बी अधिक बढ़ गयी है.

3. अगर ये भाजपाई योग के इतना ही हिमायती होते जितना की ये शोरगुल मचा रहे है तो इनकी तोंद इतनी नहीं फूलती?
4. योग करने वाले अलग ही दिखते है फिर एकदिन के लिए ये सब ढकोसला क्यों?मैं योग का विरोधी नहीं पर लोगों को बेवकूफ बनाने के पाखंड का धुर विरोधी हूँ
5. हमारे देश में करोड़ों लोग भूखे सोते हैं. रिक्शा चलाने वाले को योग की क्या जरूरत? मजदुर को योग की क्या जरुरत जो दिन भर शारीरिक श्रम करता है.
6. किसान पुरे दिन कसरत करता है, खेत-खलिहान में पसीना बहाता है। उन गरीबो और कमेरे वर्गों को योग की जरुरत नहीं जो मेहनत की रोटी खाते है.
7 जो सुख प्राप्ति का जीवन जी रहा है, पूंजीपतियों को गरीबों का खून चुसवा रहा है, किसानों की ज़मीन निगल रहा है वह योग करेगा और करवाएगा.

Tuesday, May 26, 2015

गया ज़िला जदयू अघ्यक्ष पर जानलेवा हमला, 1 की मौत, 2 घायल


          -- फैसल रहमानी
         गया ज़िला जदयू अध्यक्ष अभय कुशवाहा के निवास पर पार्सल बम फटने से 1 व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 2
गंभीर रूप से घायल हो गए। पार्सल बम श्री कुशवाहा के कुजापी स्थित निवास के पते पर भेजा गया था जिसे खोलते ही ज़बरदस्त विस्फ़ोट हुआ जिसमें घर का नौकर मारा गया। घायलों को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के समय श्री कुशवाहा अपने घर पर मौजूद नहीं थे। घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चला है। इस बीच एसएसपी मनु महाराज ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया और कहा कि हालांकि पार्सल भेजने और पहुंचाने वाले का अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है लेकिन जल्दी ही इसका पता लगा लिया जाएगा। जदयू कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राजनीतिक साज़िश के तहत श्री कुशवाहा पर जानलेवा किया गया है।

Monday, May 25, 2015

बंद के दौरान एमसीसी ने 32 ट्रकों को किया आग के हवालेे


                                      
जलता ट्रक
 फैसल रहमानी


   उग्रवाद प्रभावित गया ज़िले के आमस थाना क्षेत्र के बिशुनपुर गांव के समीप दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 (जीटी रोड) पर देर रात प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) यानि एमसीसी के एक हथियारबंद दस्ते ने कोहराम मचाते हुए एक-एक कर 32 ट्रकों में आग लगा दी, जिससे करोड़ों रूपये मूल्य की संपत्ति जलकर नष्ट हो गयी।
                        पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि करीब सौ की संख्या में माओवादियों का हथियारबंद दस्ता बिशुनपुर गांव के समीप जीटी रोड पहुंचा और वहां से गुज़र रहे ट्रकों को रोक कर उन्हें एक-एक कर आग के हवाले कर दिया।
 उल्लेखनीय है कि माओवादियों ने 25 व 26 मई को बिहार बंद की घोषणा की है। माओवादियों यह बंद पिछले दिनों हुए
मआोवादी कि चिट्ठी 
कॉंबिंग ऑपरेशन में मारी गई महिला नक्सली सरिता गंझू की मौत के विरोध में बुलाया था। इस दौरान इस वारदात को अंजाम दिया। बताया जाता है कि प्रशासन ने रेलवे की सुरक्षा बढ़ा दी है। ख़ास कर मगध से होकर गुजरने वाले ट्रेनों पर विशेष निगरानी की जा रही है।

Wednesday, May 20, 2015

क्राइम रोकने के लिए गया एसएसपी हुए हाईटेक



- फैसल रहमानी

अब किसी मामले में कार्रवाई को लेकर थानाध्यक्षों की मनमानी नहीं चलेगी। अगर आप किसी मामले में थानाध्यक्ष, इंस्पेक्टर व डीएसपी की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं तो सीधे एसएसपी मनु महाराज को वाट्सएप पर अपनी शिकायत मैसेज, फ़ोटो व आवेदन भेज सकते हैं एसएसपी तुरंत कार्रवई करेंगे। इसके लिए एसएसपी ने मोबाइल नं. 7543077077 सार्वजनिक किया है। इस पर भेजी जाने वाली सूचनाओं को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। 
एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि लोगों की सहूलियत के लिए सरकार ने थानाध्यक्षों से लेकर वरीय पुलिस पदाधिकारियों को सरकारी मोबाइल फ़ोन उपलब्ध कराया है। मोबाइल नंबर वर्षों पहले सार्वजनिक किए जा चुके हैं। लेकिन हाल के महीनों में वाट्सएप का प्रयोग करने वाले लोगों की संख्या में काफ़ी बढ़ोत्तरी हुई है। ज़िला मुख्यालय से सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित गांवों में रहने वाले लोग भी वाट्सएप का प्रयोग कर रहे हैं। लोगों की सहूलियत को देखते हुए गया पुलिस ने एक नया मोबाइल नंबर 7543077077 सार्वजनिक किया है।

ज़िला मुख्यालय में आने से मिलेगा छुटकारा -
                 एसएसपी ने बताया कि किसी मामले को लेकर शिकायत करने के लिए उनसे मुलाक़ात करने के लिए ज़िला मुख्यालय यानि एसएसपी कार्यालय आने की ज़रूरत नहीं है। अब लोग घर बैठे ही वाट्सएप का प्रयोग कर अपनी शिकायतों को उनके पास पहुंचा सकते हैं। एसएसपी ने बताया कि किसी घटना से संबंधित फ़ोटो, मैसेज या आवेदन की कॉपी भेज सकते हैं। यह सेवा 24 घंटे काम करेगा और सम्बंधित शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।

टाल-मटोल करनेवाले पुलिसकर्मियों की खुलेगी पोल -
                एसएसपी ने बताया कि  कभी दूर-दराज़ इलाक़े में कोई घटना होने पर टाल-मटोल करने वाले पुलिसकर्मियों की पोल खुल जाएगी। अगर किसी घटना को लेकर किसी व्यक्ति ने फ़ोटो भेज दिया, तो वहां की स्थिति के बारे में तुरंत पता चल जाएगा। संबंधित थाने की पुलिस घटनास्थल पर है या नहीं, इसका भी स्पष्ट पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पुलिसिंग में पारदर्शिता आएगी।
Gaya SP

Tuesday, May 19, 2015

केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव को एयरपोर्ट के अंदर जाने से रोका

पटना, (19 मई): एयरपोर्ट पर आज केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव को सीआईएसएफ की एक महिला कांस्टेबल ने भीतर जाने से रोक दिया। दरअसल, रामकृपाल यादव एक्जिट गेट से एयरपोर्ट के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, मामला टूल पकड़ने पर उन्होंने दूसरे गेट से एयरपोर्ट पर एंट्री की।
केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव आज अपने लाव लश्कर के साथ एयरपोर्ट में एंट्री करने जा रहे थे। तभी गेट पर तैनात महिला कांस्टेबल ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद महिला कांस्टेबल ने तत्काल ही वायरलेस से अपने आला अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी दी। लेकिन, काफी देर तक रामकृपाल अधिकारी की हरी झंडी का इंतजार करते रहे। लेकिन, जब सकारात्मक संकेत नहीं मिले तो उन्होंने दूसरे गेट से एंट्री करने में अपनी भलाई समझी।


मीडिया से बात करते हुये रामकृपाल ने कहा कि मैं जल्दबाजी में एयरपोर्ट के भीतर जा रहा था। मुझे नहीं पता था कि उस गेट से लोगों की एंट्री नहीं है। लेकिन, जैसे ही ज्ञात हुआ मैंने अपनी भूल सुधार करते हुये और दूसरे गेट से भीतर गया। उनका कहना है कि एक केंद्रीय मंत्री की अगवानी के लिये एयरपोर्ट पहुंचे थे।

नीतीश कुमार : जनता परिवार के विलय को लेकर प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि जनता परिवार के विलय के लिए अधिकृत मुलायम सिंह यादव को मेरा यह सुझाव होगा कि जितनी जल्दी हो सके विलय की अन्य औपचारिकताओं को लेकर वह बैठक बुलाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की जनता को स्पष्ट रूप से यह बताया जाना चाहिए कि क्या हो रहा है और क्या नहीं? जब तक बैठक नहीं होगी तब तक स्पष्ट नहीं होगा कि विलय को लेकर कोई पेच है या नहीं।
जनता दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद नीतीश ने कहा कि मेरी समझ से विलय में कोई तकनीकी पेच नहीं है। सभी छह दलों के अध्यक्षों को शामिल कर मुलायम सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी हुई है। उन्हें बैठक कर चुनाव चिन्ह, नाम व स्वरूप पर चर्चा करनी है। सभी दल मिलकर इस बारे में चुनाव आयोग से बात करेंगे।
जनता परिवार के विलय को लेकर प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता परिवार के विलय के प्रति मैं प्रतिबद्ध हूं। विलय की घोषणा तो वैसे भी पहले हो चुकी है। इसलिए इससे पीछे जाने का प्रश्न नहीं है। वैसे इस मसले पर सार्वजनिक रूप से विचार व्यक्त करने से बचना चाहिए।
लालू को नहीं है परेशानी
मुख्यमंत्री से जब जदयू के एनडीए के संग जाने से संबंधित प्रश्न पूछा गया तो उन्होंने कहा, यह कल्पना से परे है। जानबूझकर भ्रम फैलाने वाली पार्टी यह अफवाह फैलाना चाहती है। यह भी नई तकनीक है कि नकारात्मक बातें बोल कर प्रचार हासिल करो। अरुण जेटली के घर जाकर भोजन करने से संबंधित प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति को इतना नीचे नहीं गिरा देना चाहिए कि इस पर चर्चा हो कि कौन कहां खाता है?

Monday, May 4, 2015

डॉ पंकज गुप्ता -शुभ्रा गुप्ता अपहरण मामले में पुलिस को 75 घंटे बाद भी सुराग नहीं मिला

डॉ पंकज गुप्ता -शुभ्रा गुप्ता
डॉ पंकज गुप्ता -शुभ्रा गुप्ता  अपहरण मामले में पुलिस की अलग-अलग टीम ने रविवार को बिहार और झारखंड के सरहदी इलाके में करीब आधा दर्जन स्थानों पर दबिश दी है। अगवा चिकित्सक दम्पती की खोज में जुटी पुलिस को हालांकि अपहरणकर्ताओं के ठिकाने के मामले में 75 घंटे बीतने के बाद भी  अबतक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस सूत्रों ने झारखंड पुलिस के सहयोग से कुछ स्थानों पर छापेमारी की बात कही है। 

इस बीच रविवार को मगध प्रक्षेत्र के डीआईजी पी.के. श्रीवास्तव और गया के सीनियर एसपी पी.के. कन्नन ने भी बाराचट्टी  का दौरा कर सूबे के सीमावर्ती इलाकों में जीटी रोड के किनारे स्थित कुछ लाइन होटल आदी का मुआयना किया है। वहीं लगातार  संदिग्ध मोबाइल काल्स डिटेल की समीक्षा कर रहा है। 

बताया जाता है कि दोपहर बाद बोधगया के एक होटल में पटना के जोनल आईजी ए.के.अम्बेदकर की मौजूदगी में हुई पुलिस अधिकारियों की बैठक में भी अपहरण के ताजा मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में मगध प्रक्षेत्र के डीआईजी और गया के सीनियर एसपी पी.कन्नन भी मौजूद थे।

वहीँ बिहार के मुख्यमंत्री श्री नितीश कुमार ने दबाओ डाला है के डॉ पंकज गुप्ता और उन की पत्नी शुभ्रा गुप्ता की जल्द से जल्द अपहरण  करता से छोड्या जाए।