Advertisement

Advertisement

यहाँ भी बहुत कुछ है।

यहाँ भी बहुत कुछ है।

यहाँ भी बहुत कुछ है।

यहाँ भी बहुत कुछ है।

यहाँ भी बहुत कुछ है।

Pages

Showing posts with label News. Show all posts
Showing posts with label News. Show all posts

Thursday, May 12, 2016

AMU में हुई मोहम्मद वाकिफ और मोहम्मद महताब खान की हत्या कि सी बी आई से जाँच की माँग को लेकर कैनडील मार्च






जामिया नगर के ओखला बस स्टैंड से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हुई मोहम्मद वाकिफ और मोहम्मद महताब खान की हत्या कि सी बी आई से जाँच की माँग को लेकर कैनडील मार्च बटला हाउस होते हुए डा. ज़ाकिर हुसैन के मक़बरे पर सरवर इक़बाल खान , मोहम्मद मुस्लिम और मोहम्मद असलम कि क़ेयादत में खत्म हुआ । इस मौके पर सरवर इक़बाल खान ने कहा कि सरकार सी बी आई से जाँच कराए और मलजमीन को सज़ा दे सरवर ने आशंका ज़ाहीर कि के हो सकता है विशेष ताकत जो ए एम यु को बदनाम करने की साज़ीश कर सकती है ।सी पी आई के ओखला सचिव श्री मोहम्मद मुस्लिम ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी को जो लोग बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं उसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा । सरकार सीबीआई जांच करए। इस मौक़े पर मो इमरान, मो अयुब अंसारी ,मोहम्मद, मोहम्मद फारूक़ खान, शहंशाह खान,मोहम्मद आसीफ ख़ान,वकील जौहरी ने भी खेताब किया । मार्च को तंज़ीमें इसाफ ,एस डी पी आई, ए आई आई एम अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और जामिया मिलाया के सैकड़ो छात्र मौजुद थे ।

Saturday, March 19, 2016

सोशल मीडिया में वायरल हुई नाबालिग के साथ जेल अधीक्षक की आपत्तिजनक तसवीर



किशनगंज : स्थानीय मंडल कारा में तैनात जेल अधीक्षक कृपा शंकर पांडे की स्थानीय सुभाषपल्ली निवासी एक नाबालिग के संग आपत्तिजनक तसवीर व वीडियो सोशल नेटवर्किंग साइट में वायरल हो जाने के बाद सनसनी फैल गयी वहीं स्थानीय पुलिस ने भी मामले को संज्ञान में लिया है.

मंगलवार को एसपी राजीव रंजन के निर्देश के बाद एसडीपीओ कामिनी बाला  मामले की जांच के लिए मंडल कारा जा पहुंची. जहां बंद कमरे में जेल अधीक्षक से पूछताछ की गयी़  इसके बाद एसडीपीओ ने बताया कि अब तक सिर्फ जेल अधीक्षक से ही पूछताछ की गयी है तथा नाबालिग से पूछताछ के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है.
उन्होंने कहा कि पूछताछ के क्रम में श्री  पांडे ने अपने उपर लगे  आरोपों को निराधार बताते हुए वीडियो में खुद  की तसवीर को सही बताया, परंतु नाबालिग को अपनी पुत्री समान बताया है.
क्या कहते हैं जेलर
जेल अधीक्षक  कृपा शंकर पांडे ने कहा कि मुझे बदनाम करने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने कहा कि  युवती के संग उनके संबंध बाप-बेटी के रिश्ते के समान हैं.
क्या कहती हैं एसडीपीओ
तसवीर व वीडियो के संबंध में एसडीपीओ कामिनी बाला ने कहा कि भारतीय संस्कार में किसी पिता द्वारा बेटी समान युवती के संग इतने अंतरंग संबंध कदापि नहीं हो सकते हैं

Friday, March 11, 2016

रोड चौड़ी करने को लेकर शाहीन बाग़ में धरना, विधायक का विरोध शुरू


आज जामिया नगर कि शाहीन बाग चौकि के नज़दीक ओखला विकास मंच के दुारा शाहीन बाग़ कि रोड चौड़ी को लेकर धरना दिया गया ।
जिसमें सरवर इक़बाल खान , आशु खान, परवेज़ आलम खान, परवेज़ मोहम्मद , अंजारूल हक़, अफज़ाल अंसारी, जावेद इक़बाल खान, तासीर अहमद ने मौजुदा लोगो़ को समबोधित किया ।
सरवर इक़बाल खान ने कहा कि मौजुदा MLA रोड को तंग कर 12 फिट चौड़ा पार्क बना कर ये अवाम को धोका है सरवर इक़बाल ने कहा कि मुझे सड़क भी चौड़ी चाहीए और पार्क भी उनहों ने गुज़ारीश कि के विधायक सड़क से सटी दुसरी ज़मिन में पार्क बनाए ।
समाजीक कार्यकर्ता आशु खान ने कहा कि सरकार रोड तो बना नहीं रही है पर रोड को तंग ज़रूर कर रही है।
आशु ख़ान ने कहा कि अगर रोड को तंग किया गया तो अंदोलन होगा ।
स्वराज संवाद के अफज़ाल अंसारी ने कहा कि विधायक डिकटेटर हो गए है मनमानी कर रहे हैं अवाम से राय ले कर करना चाहिए था ।
खोदाई खिदमतगार के यासिर अली ने कहा कि विधायक जी को मोहल्ला सभा कि मिटीग बुला कर ये फैसला करना चाहिए था कि पार्क बने या नहीं ।जनता के साथ विधायक जी छलवा नहीं करें ।

काँग्रेस नेता परवेज़ आलम खान ने कहा कि केजरीवाल सरकार और उन के विघायक मनमानी कर रहे हैं केजरीवाल ने वादा किया था कि महल्ला के विकास के लिए हर मोहल्ला सभा को चार करोड़ रू देंगे कहाँ गए चार करोड़ ?

समाजीक कार्यकर्ता परवेज़ मोहम्मद ने रोड़ को तंग कर सड़क को तंग करने से किया नुकसान होगा।
मंच का संचालन टी एम ज़िया उल ह़क ने किया ।
धरना समाप्त होने के बाद मार्च शाहिन बाग़ चौकी से शुरू हुआ और कालेंदी कुज़ रोड पर खतम हुआ

Thursday, February 25, 2016

जाट आंदोलन के दौरान महिलाओं के साथ गैंगरेप की ख़बरों से मचा हड़कंप

जाट आंदोलन के दौरान महिलाओं के साथ गैंगरेप की खबरों से हड़कंप मच गया है। मीडिया में सामने आई कुछ रिपोर्टों के अनुसार, बीते हफ्ते से हरियाणा में चल रहे जाट आंदोलन के दौरान मुरथल हाईवे पर कथित रूप से 10 महिलाओं के साथ गैंगरेप की एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है।

इन रिपोर्टों में एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि सोनीपत जिले में नेशनल हाईवे-1 पर बीते सोमवार की सुबह कुछ वाहनों को रोककर (जिनमें बसें भी थी) उनमें सवाहै
महिलाओं के साथ खेतों में ले जाकर सामूहिक बलात्कार किया गया। गैंगरेप के बाद पीडि़त महिलाओं को निर्वस्‍त्र करके वहीं खेतों में छोड़ दिया।

इन रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि 17 फरवरी की सुबह चार बजे के करीब 30 उपद्रवियों ने मुरथल के पास एनएच-1 पर एनसीआर जाने वाले वाहन रोके और कुछ को आग लगा दी, जिसमें बस भी शामिल थे। कई लोग भाग गए पर कुछ महिलाएं रह गईं। उपद्रवियों ने इनके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद कुल 10 महिलाओं से गैंगरेप किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, चश्मदीदों के मुताबिक, रेप के बाद महिलाओं को खेतों में ही छोड़ दिया। निकटवर्ती गांव के लोग कपड़े और कंबल लाए और जिसके बाद पीडि़ताओं ने खुद को ढका। हालांकि घटना की सूचना पर अधिकारी भी मौके पर पहुंचे लेकिन आरोप है कि पीडि़तों को मेडिकल मदद और जांच के बजाय परिजनों पर महिलाओं को घर ले जाने का दबाव बनाया गया। पीडि़तों को रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने के लिए कहा। निकटवर्ती ढाबा संचालकों ने चुप्पी साध ली है।

दूसरी ओर, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर इस रिपोर्ट का संज्ञान लिया, जिस पर गुरुवार को सुनवाई होगी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिनमें जाम के दौरान गाडिय़ों से 10 महिलाओं को खींचकर गैंगरेप किया गया। कोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है। न्यायाधीश ने मीडिया रिपोर्टों पर स्वत: संज्ञान लेते बुधवार को कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक घटना है।

एक अन्‍य रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के डीजीपी यशपाल सिंघल ने गैंगरेप की खबर को अफवाह बताया है। हरियाणा पुलिस ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इसे अफवाह करार दिया है। पुलिस का कहना है कि ऐसी कोई भी घटना घटित नहीं हुई है लेकिन मौके पर मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक तकरीबन 10 महिलाएं इस घटना का शिकार हुईं। उक्‍त रिपोर्ट के अनुसार यहां पुलिस पीड़ितों और उनके परिवारों को ‘अपने सम्मान की खातिर’ रिपोर्ट दर्ज न कराने क दबाव डाल रही है



The Tolerant Indian

Wednesday, February 17, 2016

गोगोई ने कहा, असम के लोग प्रधानमंत्री के इस झांसे में नहीं आऐंगे

गुवाहाटी !  असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने बुधवार को कहा कि असम की जनता ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के राज्य के दौरे पर स्वस्फूर्त और उत्साहजनक प्रतिक्रिया दी है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व हवा कांग्रेस के पक्ष में चल रही है।
गोगोई ने कहा कि गोहपुर, बिहपुरिया, तीताबोर और शिवसागर में हुई राहुल गांधी की जनसभाओं और पदयात्रा में उमड़ी भीड़ यह दर्शाता है कि लोग कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी द्वारा आम चुनाव के दौरान किए गए अच्छे दिन लाने के झूठे वादे और राज्य से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर पलट जाने के कारण जनता कांग्रेस के साथ हो गई है, क्योंकि जनता जानती है कि यह पार्टी धर्मनिरपेक्ष, गरीबों की हिमायती और विकास केंद्रित है।"
गोगोई ने कहा कि मोदी सरकार ने विशेष श्रेणी का दर्जा वापस लेकर धन का प्रवाह रोक दिया, केंद्र प्रयोजित योजनाओं और बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के वित्तीयन तरीके बदल दिए, पूर्वोत्तर औद्योगिक एवं निवेश संवर्धन नीति को निलंबित कर दिया, मनरेगा और अन्य गरीब समर्थक योजनाओं के बजट घटा दिए।
उन्होंने कहा कि मोदी सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर पलट गए हैं, जैसे विदेशियों को वापस भेजने, और बांग्लादेश के साथ भूमि की अदला-बदली समझौता। उन्होंने कहा कि यह सब इस बात को साबित करता है कि केंद्र सरकार का दोहरा मापदंड सामने आ गया है।
गोगोई ने कहा, "असम के लोगों ने महसूस किया कि वे प्रधानमंत्री के इस झांसे में आ गए कि वह उनके लिए कुछ करेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया। यह दोहरी नीति आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ जाएगी।

Sunday, February 14, 2016

मेरा बेटा राष्ट्र विरोधी नहीं, वो हिंदुत्व की राजनीति का शिकार : कन्हैया के पिता जयशंकर सिंह

पटना। राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार के माता-पिता का कहना है कि उनका बेटा राष्ट्र विरोधी नहीं है, वह हिंदुत्व की राजनीति का शिकार हुआ है। कन्हैया कुमार के पिता जयशंकर सिंह ने शनिवार को कहा, “मेरा बेटा राष्ट्र विरोधी नहीं है। उसकी राष्ट्र विरोधी विचारधारा का कोई सवाल ही नहीं उठता। वह अपनी उम्र के हजारों युवाओं के समान ही राष्ट्रवादी है।”
कन्हैया कुमार की मां मीना देवी ने कहा कि उनका बेटा राष्ट्रवादी है, लेकिन वह आरएसएस-भाजपा की हिंदूवादी राजनीति का समर्थक नहीं है। उन्होंने कहा, “हमें उसकी विचारधारा पर गर्व है। इसमें कुछ गलत नहीं है। वह दक्षिणपंथी राजनीति के खिलाफ लड़ रहा है और इसीलिए उसे निशाना बनाया गया है।” कन्हैया कुमार के माता-पिता बिहार के बेगूसराय जिले के मसलानपुर गांव में रहते हैं। यह जिला वामपंथी राजनीति का गढ़ माना जाता है।

सिंह ने कहा कि उनके बेटे को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया है। “वह वामपंथी पार्टी का कार्यकर्ता है और विरोधी पार्टी उसके खिलाफ गंदी राजनीति कर रही है।” कन्हैया की मां ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनका बेटा इस हिंदुत्व की राजनीति के खिलाफ लड़ाई जीत जाएगा।

कन्हैया के पैतृक स्थान के अधिकांश ग्रामीणों ने उसकी गिरफ्तारी को लेकर दुख जताया है। गौरतलब है कि कन्हैया कुमार को कथित तौर पर संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी पर चढ़ाए जाने की बरसी पर जेएनयू के छात्रों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भारत विरोधी नारे लगाने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

INSIDE STORY: भाजपा में आने से पहले विशेश्‍वर ओझा के सिर था 25 हजार का ईनाम

अमरेन्दर कुमार

बिहार में जिस भाजपा नेता विशेश्‍वर ओझा की गोली मारकर हत्‍या हुई थी उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. भाजपा में शामिल होने से पहले विशेश्‍वर ओझा के क्राइम की दुनिया में पैठ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके सिर पर 25 हजार रुपए का ईनाम था. शुक्रवार को अपराधियों ने शाहपुर थाना के सोनवर्षा में विशेश्‍वर ओझा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी.
विशेश्‍वर के नाम से कांपता था दियारा ।
विशेश्वर ओझा की पहचान कभी दियारा के आतंक के रूप में भी होती रही है. पिछले के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्‍हें शाहपुर से प्रत्‍याशी बनाया था, हालांकि वे चुनाव हार गए थे.
जमीन कब्‍जाने के थे कई आरोप
भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड से सटे ओझवलिया गांव के ब्राह्मण परिवार में जन्मे विशेश्वर ओझा की पहचान उनके इलाके में कई रूपों में होती थी. कोई उन्‍हें बाहुबली तो कोई बाबा और कोई नेता जी कहता था. दो भाइयों में सबसे बड़े और इंटर की पढ़ाई करने वाले विशेश्वर ने व्यवसाय में भी हाथ आजमाया, लेकिन उन्हें असली पहचान अपराध की दुनिया से ही मिली.
विशेश्वर को अपने इलाके में जमीन पर कब्जा करने के लिए भी जाना जाता था. विशेश्वर की सोनवर्षा निवासी व दियर (नदी के आसपास का क्षेत्र) इलाके के आतंक के रूप में पहचाने जाने वाले शिवाजीत मिश्र से दोस्ती और दुश्मनी दोनों चर्चा में रहती थी. दोनों ने मिलकर पहले जमीन पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया. हालांकि, हाल के दिनों में दोनों के बीच दुश्मनी थी.
लंबा था सियासी वजूद
विशेश्वर ओझा अपराध के जगत में नाम कमाने के बाद पिछले 15 साल से राजनीति में अप्रत्यक्ष रूप से सक्रिय थे. सबसे पहले 2000 में उन्‍होंने पंचायत चुनावों के रास्ते अपने परिवार की राजनीति में एंट्री कराई. इसके बाद से पीछे मुड़ कर नहीं देखा. विश्वजीत ने 2005 के चुनावों में अपनी पत्नी शोभा देवी को शाहपुर सीट से जदयू का टिकट दिलवाया, लेकिन वो चुनाव हार गईं.
2005 के ही दूसरे विधानसभा के चुनाव में विशेश्वर ने अपने दम पर छोटे भाई की पत्नी मुन्नी देवी को न केवल टिकट दिलवाया, बल्कि चुनावों में जीत दिलाकर इलाके के लोगों को अपनी सियासी ताकत का भी अहसास कराया. मु्न्नी देवी 2010 के चुनावों में भी शाहपुर की सीट जीतकर विशेश्वर के प्रभाव को जमाने में कामयाब रहीं.
25 हजार के रहे हैं इनामी, दिल्ली से हुई थी गिरफ्तारी
विशेश्वर ओझा ने यूं तो 1990 में ही बंदूक उठा लिया था. उनपर हत्या, पुलिस बल पर हमला व गोलीबारी समेत कुल 15 से ज्यादा मामले दर्ज हुए थे.
विशेश्वर पर बिहार से बाहर झारखंड के धनबाद में भी केस दर्ज हुआ था. विशेश्वर ओझा के अपराधिक इतिहास को देखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2002 में उनकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था.
विशेश्वर ओझा को वर्ष 2006 में दिल्ली के सरोजनी नगर से स्पेशल ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया था.
2013 के चुनाव में मिली थी हार

विशेश्वर ओझा ने विधानसभा का टिकट पाने से पहले साल 2013 में आरा-बक्सर स्थानीय निकाय का विधान परिषद का चुनाव भी लड़ा था. इस चुनाव में उनका मुकाबला सुनील पांडेय के भाई और बाहुबली हुलास पांडे से था, जिसमें विशेश्वर को हार का सामना करना पड़ा था.
इसके बाद से ही माना जा रहा था कि विशेश्वर 2015 के चुनावों में भाजपा के टिकट पर शाहपुर से चुनावी मैदान में उतरे. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने इनके इलाके में प्रचार किया, लेकिन वे चुनाव नहीं जीत पाए.
मोदी को माना जाता है सियासी गॉड फादर

बिहार के भाजपा इकाई में विशेश्वर ओझा का खासा प्रभाव है. राजनीति में सुशील कुमार मोदी को उनका गॉड फादर माना जाता था. विधानसभा का चुनाव लड़ने से पहले ओझा पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों से भी जुड़े थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आरा यात्रा के दौरान भी विशेश्वर उन लोगों में शुमार थे, जिन्हें पीएम की आगवानी करने का मौका मिला जाता है.
कार्यक्रम के बाद इसे विशेश्वर के सियासी पैठ से जोड़ कर भी काफी थी

आभार :Pardesh18

Saturday, September 12, 2015

राजस्थान की भाजपा सरकार नहीं देगी बक़रीद की छुट्टी, हाई कोर्ट जा सकता मुस्लिम समुदाय।



--फ़ैसल रहमानी
राजस्थान में मुस्लिम समुदाय के सरकारी कर्मचारियों के बीच सरकार के एक निर्देश को लेकर असंतुष्टि का माहौल देखा जा रहा है, और वह इसके खिलाफ़ हाई कोर्ट जाने पर भी विचार कर रहे हैं। राजस्थान सरकार ने 25 सितंबर को जनसंघ के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर सभी प्राइवेट और सरकारी कॉलेजों में रक्तदान शिविर आयोजित करने का आदेश जारी किया है। ऐसे में रक्तदान शिविर आयोजन की यह तारीख़ ईद-उल-अज़हा यानी बक़रीद के दिन ही पड़ रही है, जिसके चलते हजारों मुस्लिम कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द हो जाएंगी। सभी प्राइवेट और सरकारी कॉलेजों के प्रधानाध्यापकों को राज्य सरकार द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वह 24 सितंबर को किसी भी कर्मचारी को छुट्टी न दें। इस फैसले को लेकर विपक्ष ने भी सरकार की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी सरकार जानबूझ कर राज्य के धर्मनिरपेक्ष माहौल को खराब करने की कोशिश कर रही है। वहीं जमात-ए-इस्लामी हिंद के राष्ट्रीय सेक्रेटरी सलीम इंजिनियर का कहना है कि यह मुस्लिम कर्मचारियों के मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। ईद-उल-अज़हा मुस्लिमों के प्रमुख त्योहारों में से एक है, और यह आयोजन लोगों को उनका त्योहार मनाने से रोक रहा है। हालांकि उनका कहना है कि यह स्वैच्छिक है, लेकिन सर्कुलर में स्पष्ट लिखा हुआ है कि किसी को भी छुट्टी न दी जाए। वे इस मामले को लेकर हाई कोर्ट जाएंगे।

Monday, May 25, 2015

बंद के दौरान एमसीसी ने 32 ट्रकों को किया आग के हवालेे


                                      
जलता ट्रक
 फैसल रहमानी


   उग्रवाद प्रभावित गया ज़िले के आमस थाना क्षेत्र के बिशुनपुर गांव के समीप दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 (जीटी रोड) पर देर रात प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) यानि एमसीसी के एक हथियारबंद दस्ते ने कोहराम मचाते हुए एक-एक कर 32 ट्रकों में आग लगा दी, जिससे करोड़ों रूपये मूल्य की संपत्ति जलकर नष्ट हो गयी।
                        पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि करीब सौ की संख्या में माओवादियों का हथियारबंद दस्ता बिशुनपुर गांव के समीप जीटी रोड पहुंचा और वहां से गुज़र रहे ट्रकों को रोक कर उन्हें एक-एक कर आग के हवाले कर दिया।
 उल्लेखनीय है कि माओवादियों ने 25 व 26 मई को बिहार बंद की घोषणा की है। माओवादियों यह बंद पिछले दिनों हुए
मआोवादी कि चिट्ठी 
कॉंबिंग ऑपरेशन में मारी गई महिला नक्सली सरिता गंझू की मौत के विरोध में बुलाया था। इस दौरान इस वारदात को अंजाम दिया। बताया जाता है कि प्रशासन ने रेलवे की सुरक्षा बढ़ा दी है। ख़ास कर मगध से होकर गुजरने वाले ट्रेनों पर विशेष निगरानी की जा रही है।

Tuesday, May 19, 2015

केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव को एयरपोर्ट के अंदर जाने से रोका

पटना, (19 मई): एयरपोर्ट पर आज केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव को सीआईएसएफ की एक महिला कांस्टेबल ने भीतर जाने से रोक दिया। दरअसल, रामकृपाल यादव एक्जिट गेट से एयरपोर्ट के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, मामला टूल पकड़ने पर उन्होंने दूसरे गेट से एयरपोर्ट पर एंट्री की।
केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव आज अपने लाव लश्कर के साथ एयरपोर्ट में एंट्री करने जा रहे थे। तभी गेट पर तैनात महिला कांस्टेबल ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद महिला कांस्टेबल ने तत्काल ही वायरलेस से अपने आला अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी दी। लेकिन, काफी देर तक रामकृपाल अधिकारी की हरी झंडी का इंतजार करते रहे। लेकिन, जब सकारात्मक संकेत नहीं मिले तो उन्होंने दूसरे गेट से एंट्री करने में अपनी भलाई समझी।


मीडिया से बात करते हुये रामकृपाल ने कहा कि मैं जल्दबाजी में एयरपोर्ट के भीतर जा रहा था। मुझे नहीं पता था कि उस गेट से लोगों की एंट्री नहीं है। लेकिन, जैसे ही ज्ञात हुआ मैंने अपनी भूल सुधार करते हुये और दूसरे गेट से भीतर गया। उनका कहना है कि एक केंद्रीय मंत्री की अगवानी के लिये एयरपोर्ट पहुंचे थे।

Monday, May 18, 2015

गामलिन नियुक्ति विवाद: दिल्ली सरकार ने प्रधान सचिव के कार्यालय पर जड़ा ताला


उप राज्यपाल नजीब जंग और मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के बीच अधिकारक्षेत्र संबंधी विवाद ने आज उस समय घटिया रूप ले लिया जब आप सरकार ने कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में शकुंतला गामलिन की नियुक्ति का आदेश अधिसूचित करने वाले वरिष्ठ नौकरशाह अनिंदो मजूमदार के कार्यालय पर ताला जड़ दिया।
जब प्रधान सचिव (सेवा) अनिंदो मजूमदार आज सुबह अपने कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने पाया कि इस पर मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के कार्यालय के निर्देश पर ताला जड़ दिया गया है।
जंग से निर्देश मिलने पर गामलिन को नियुक्ति पत्र जारी करने वाले मजूमदार को केजरीवाल ने शनिवार को पद से हटा दिया था। उप राज्यपाल ने मजूमदार को स्थानांतरित करने के आदेश को यह कहकर उसी शाम निरस्त कर दिया था कि इसमें उनकी मंजूरी नहीं ली गई।
सूत्रों ने बताया, ‘‘अपने कार्यालय पर ताला जड़े जाने का मुद्दा मजूमदार द्वारा कार्यवाहक मुख्य सचिव शकुंतला गामलिन के समक्ष उठाए जाने की संभावना है।’’
केजरीवाल ने कल गामलिन पर 11 हजार करोड़ रुपये के ऋण के मामले में रिलायंस इन्फ्रा के स्वामित्व वाली दो डिस्कॉम्स का पक्ष लेने की कोशिश का आरोप लगाया था और कहा था कि मोदी सरकार आप सरकार को ‘‘विफल’’ करना चाहती है।
कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में गामलिन की नियुक्ति पर विवाद ने सत्तारूढ़ आप और जंग के बीच पिछले हफ्ते खुले टकराव का रूप ले लिया था और केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उप राज्यपाल प्रशासन पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं।
केजरीवाल के जबर्दस्त विरोध के बावजूद जंग ने शुक्रवार को गामलिन की नियुक्ति की थी। शनिवार को मुख्यमंत्री ने उनसे पदभार न संभालने को कहा था, लेकिन गामलिन ने मुख्यमंत्री के निर्देश को नजरअंदाज कर उप राज्यपाल के आदेश का पालन किया।

Thursday, May 14, 2015

गया में ऑनर किलिंग : प्रेमी युगल को ज़िंदा जलाया


फ़ैसल रहमानी
 एक प्रेमी जोड़े को बिरादरी की पंचायत ने जिंदा जलाने का फ़रमान सुनाया। दोनों को पहले लाठियों से पीटा गया। जब वे बेसुध हो गए तो एक ही चिता पर फूंक डाला। गया जिले के वज़ीरगंज थाना के अमैठा गांव में सरेआम सज़ा देने की यह कार्रवाई क़रीब तीन घंटे तक चली। पुलिस जब तक पहुंची, चिता की आग ठंडी हो चुकी थी।
मारा गया युवक उस गांव का दामाद था, जहां यह सब हुआ। 16 वर्षीय लड़की भी उसी गांव की थी। ज़िंदा जलाने का फ़रमान सुनाने वाली पंचायत में लड़की के परिजन भी शामिल थे। मृतक जयराम की पत्नी व परिजन मौक़े पर थे। लेकिन असहाय होकर हत्या का नंगा नाच देखने को विवश थे। तीन बच्चों का बाप जयराम वज़ीरगंज के कसियाडीह गांव का रहने वाला था। कसियाडीह और अमैठा की दूरी 11 किमी है। वज़ीरगंज थाने के जिस अमैठा गांव में पंचायत लगाकर प्रेमी युगल को मौत की सज़ा सुनाई गई, वहां इसमें शामिल लोगों ने किसी भी हालात से निबटने के लिए पहले से व्यवस्था कर रखी थी।

 उनमें शामिल लोगों के पास अवैध असलहे थे, जिससे उनका विरोध करने का साहस गांव के अन्य लोग नहीं जुटा पाए। यही वजह रही कि लड़के के ससुराल के परिवार वाले भी कुछ नहीं कर पाए। प्रेमी युगल चीख़ते रहे लेकिन लोगों ने उन्हें जला दिया। उसकी पत्नी जब तक थाने पहुंची, तब तक सब कुछ ख़त्म हो चुका था। प्रेमी युगल को गांव से 500 गज़ की दूरी पर ले जाकर वंशी नाला बधार के पास जिंदा जलाया गया। घटनाक्रम के दौरान असलहे से लैस लोग पहरेदारी करते रहे। अमैठा टोले मे महादलित और यादव जाति के करीब एक सौ घर हैं। चालीस से पचास महादलित परिवार को आशंका थी कि दूसरे वर्ग के लोग पंचायत के निर्णय में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। इसी से वे हथियारों से लैस थे।

Monday, May 4, 2015

टेक्सास में पैगंबर मुहम्मद (स) कार्टून प्रतियोगिता के दौरान चली गोलियां, दो की मौत
















अमेरिका के टेक्सास में कार्टून प्रतियोगिता का आयोजन किया गया थाऔर इसमें पैगंबर मुहम्मद (स) के कार्टून बनाने थे।
जिस में सबसे अच्छा कार्टून बनाने वाले को 10 हजार  डॉलर का ईनाम देने की घोषणा की गई थी। प्रतियोगता चल ही रही थी के कुछ लोग गाड़ी से आये और गोलिया चलाने लगे। ख़बरों कि अनुसार हमलावरों को पुलिस ने मार गिराया है दो लोगों के मरने की खबर है । 

Saturday, May 2, 2015

आजमगढ़ में शनिवार सुबह पांच बच्चों की डूबने से मौत हो गई

आजमगढ़ में शनिवार सुबह पांच बच्चों की डूबने से मौत हो गई। जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के भैरोपुर दरगाह राजभर बस्‍ती के सात बच्‍चे सुबह साढे दस बजे गांव स्थित पोखरे पर स्‍नान करने के लिए गए थे। स्‍नान करते समय पांच बच्‍चे पोखरे में डूब गए।

दो बच्‍चों ने गांव पहुंच कर ग्रामीणों को अवगत कराया। गांव के लोग गोताखोर व जाल की तलाश कर रहे थे कि डेढ़ घंटे बाद पांचों बच्‍चों का शव पोखरे में उतराया मिला। परिजनों के चीख पुकार से गांव में कोहराम मच गया। घटना की खबर पाकर एसपी ग्रामीण मोहम्‍मद इमरान, एसडीएम सगडी रामगोपाल सिंह, सीओ सगडी रमेशचन्‍द पाठक समेत अतरौलिया पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृत बच्‍चों में प्रिंस (11), मोनिका (8) सगे भाई बहन हैं। शेष अन्‍य मृतकों में शुभम (11), अंशिका (11), शिखा (10) शामिल हैं।

गया शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. पंकज गुप्ता और उनकी पत्नी का अगवा


Dr Pankaj Gupta & Shobha Gupta
गया शहर के  प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. पंकज गुप्ता और उनकी पत्नी का पहली मई की दोपहर जीटी रोड पर बाराचप्ती थाना क्षेत्र से अगवा कर लिया गया। डा. पंकज अपनी अपनी नयी ऑडी कार में पत्नी शुभ्रा गुप्ता के साथ शादी में भाग लेकर गिरिडीह से लौट रहे थे।  चिकित्सक के अपहरण किये जाने की शक पर छोटे भाई नीरज गुप्ता ने बाराचप्ती थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है। इस मामले में अब तक फिरौती की मांग की बात सामने नहीं आयी है। 

एसएसपी पी. कन्नन ने डा. पंकज का पता लगाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। पुलिस सीआरपीएफ व कोबरा बटालियन की मदद से बाराचप्ती के आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है। इस मामले में झारखंड पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है। पटना से सीआईडी की टीम                                      भी गया पहुंच चुकी है।

Tuesday, April 28, 2015

विष्णुपद में भूकंप पीड़ितों के लिए हो रही है विशेष पूजा




फैसल रहमानी

पिंडदान के माध्यम से मृत आत्मा की मुक्तिधाम के रूप मेंप्रसिद्ध गया जी में सात दिन की विशेष पूजा शुरू की

गई है और इस पूजा का उद्देश्य है कि भूंकप से काल के गालमें समा चुके मृत आत्मा की शांति और भगवान विष्णुको प्रसन्न करने की कामना जिससे कि पृथ्वीलोक परइस तरह की त्रासदी दुबारा नहीं आ पाए.ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर में शुरू की गई. इस विशेषपूजा में 11 ब्राहृण वैदिक रीति रिवाज से मंत्रोच्चारकर रहें हैं. यहां स्थापित विष्णु चरण का प्रतिदिन 51लीटर दूध से दुग्धाभिषेक कर रहें हैं और इसके साथ ही 21किलो तुलसी का पत्ता भी उनकी चरण में अर्पित कररहे हैं.दुग्धाभिषेक के बाद पंडा समाज द्वारा विष्णु शास्त्रका पाठ भी किया जा रहा है और यह विशेष पूजाअगले सात दिनों तक चलता रहेगा.इस पूजा को संपन्न कराने वाले आचार्य रामाचार्यकी मानें तो भगवान विष्णु को पालनहार के रूप में मनागया है और भूकंप जैसी त्रास्दी जब विपत्ति के रूप मेंआती है तो भगवान विष्णु ही उन विपत्ति को दूर करनेका काम करते है. इसलिए वैदिक रीति-रिवाज से यहसात दिनों की यह विशेष पूजा की जा रही है.विष्णुपद मंदिर कमिटि के सचिव गजाधल लाल पाठकऔर पंडा महेशलाल गुप्त की मानें तो इस भूकंप को लेकरलोगों के मन में ढेर सारी आशंकाएं हैं और इस आशंकाओं केनिवारण के लिए आधुनिक तकनीक की जानकारी केसाथ ही ईश्वर में आस्था जताना भी जरूरी है क्योंकिजिस समस्या का निदान कहीं नहीं मिलता है वहांलोग ईश्वर का ही नाम लेते हैं.