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Saturday, September 12, 2015

राजस्थान की भाजपा सरकार नहीं देगी बक़रीद की छुट्टी, हाई कोर्ट जा सकता मुस्लिम समुदाय।



--फ़ैसल रहमानी
राजस्थान में मुस्लिम समुदाय के सरकारी कर्मचारियों के बीच सरकार के एक निर्देश को लेकर असंतुष्टि का माहौल देखा जा रहा है, और वह इसके खिलाफ़ हाई कोर्ट जाने पर भी विचार कर रहे हैं। राजस्थान सरकार ने 25 सितंबर को जनसंघ के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर सभी प्राइवेट और सरकारी कॉलेजों में रक्तदान शिविर आयोजित करने का आदेश जारी किया है। ऐसे में रक्तदान शिविर आयोजन की यह तारीख़ ईद-उल-अज़हा यानी बक़रीद के दिन ही पड़ रही है, जिसके चलते हजारों मुस्लिम कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द हो जाएंगी। सभी प्राइवेट और सरकारी कॉलेजों के प्रधानाध्यापकों को राज्य सरकार द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वह 24 सितंबर को किसी भी कर्मचारी को छुट्टी न दें। इस फैसले को लेकर विपक्ष ने भी सरकार की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी सरकार जानबूझ कर राज्य के धर्मनिरपेक्ष माहौल को खराब करने की कोशिश कर रही है। वहीं जमात-ए-इस्लामी हिंद के राष्ट्रीय सेक्रेटरी सलीम इंजिनियर का कहना है कि यह मुस्लिम कर्मचारियों के मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। ईद-उल-अज़हा मुस्लिमों के प्रमुख त्योहारों में से एक है, और यह आयोजन लोगों को उनका त्योहार मनाने से रोक रहा है। हालांकि उनका कहना है कि यह स्वैच्छिक है, लेकिन सर्कुलर में स्पष्ट लिखा हुआ है कि किसी को भी छुट्टी न दी जाए। वे इस मामले को लेकर हाई कोर्ट जाएंगे।

Thursday, September 10, 2015

डॉ सैयद अहमद क़ादरी : उर्दू साहित्य का चमकता सितारा।

 

फ़ैसल रहमानी

प्रख्यात उर्दू साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ सैयद अहमद क़ादरी को बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा बिहार उर्दू अकादमी, पटना तथा बिहार राज्य उर्दू परामर्श समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। गया निवासी डॉ क़ादरी के के मनोनयन पर गया सहित राज्य भर के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों एवं पत्रकारों आदि ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी है।

इनमें पूर्व आईजी मासूम अज़ीज़ काज़मी,मुनाज़िर आशिक़ हरगानवी, मसूद मंज़र अधिवक्ता, प्रो ग़ुलाम समदानी, वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल क़ादिर, वरिष्ठ पत्रकार फ़ैसल रहमानी, मुशर्रफ़ अली ज़ौक़ी, नाज़ क़ादरी, अतहर हुसैन अंसारी, अबुज़र उस्मानी, क़ासिम फ़रीदी, मंसूर अहमद एजाज़ी, ज़हीर सिद्दीक़ी, ख़ुर्शीद हयात, प्रो शाहिद रिज़वी आदि प्रमुख हैं। इनलोगों ने आशा व्यक्त किया कि डॉ सैयद अहमद क़ादरी के मनोनयन से दोनों संस्थाओं में कार्यकारिणी के गठन को लेकर लम्बे समय से चल रहा गतिरोध समाप्त जायेगा। इन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि डॉ क़ादरी अपनी क्षमता से अधिक काम कर उर्दू भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार को गति देंगे।
ज्ञात हो कि डॉ सैयद अहमद क़ादरी की दर्जनों पुस्तकें अबतक प्रकाशित हो चुकी हैं। इन पुस्तकों को पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी, उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी, बिहार उर्दू अकादमी सहित कई संस्थानों ने पुरस्कृत किया है। इनकी एक पुस्तक "उर्दू सहाफ़त बिहार में" बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। डॉ क़ादरी को केके बिड़ला फ़ाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा फ़ेलोशिप अवार्ड से भी अलंकृत किया जा चुका है। हाल ही में अमेरिका भ्रमण के दौरान इनके सम्मान में कई गोष्ठियों का आयोजन किया गया। वॉयस ऑफ़ अमेरिका, वाशिंगटन ने डॉ क़ादरी से लिये गये साक्षात्कार को अपने आधे घंटे के एक विशेष कार्यक्रम में प्रसारित भी किया था। डॉ क़ादरी लम्बे समय से साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े हैं।

Sunday, June 21, 2015

सिमुलतला आवासीय विद्यालय की कामयाबी पर झूमा बिहार




--फ़ैसल रहमानी
Purvanchal Post's photo.
जमुई। नेतरहाट के तर्ज़ पर मिनी शिमला के नाम से मशहूर सिमुलतला जैसे छोटे जगह में सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्रों ने पहले ही साल मैट्रिक की परीक्षा में इतिहास रच दिया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी किए गए मैट्रिक के रिज़ल्ट में बिहार के टॉप टेन 31 छात्रों में से सिमुलतला आवासीय विद्यालय के 30 छात्र-छात्राओं ने स्थान पाया है। मैट्रिक की परीक्षा में सिमुलतला आवासीय विद्यालय से 108 परीक्षार्थी शामिल हुए थे जिसमें 55 छात्र व 53 छात्राएं हैं। पहली बार मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बड़ी कामयाबी हासिल की है जिसमें 487 अंक पाकर कुणाल जिज्ञासु व नीरज रंजन बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं 485 अंक लाकर अभिनव कुमार, मुकुल रंजन दूसरे स्थान पर रहे हैं। तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से सोनू कुमार व विवेक वैभव ने 484 अंक प्राप्त किए हैं। बिहार-झारखंड बंटवारे के बाद सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 9 अगस्त 2010 को सिमुलतला आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया था। सिमुलतला आवासीय विद्यालय में छठे क्लास में नामांकन के लिए लगभग 38 हजार छात्रों में से पहले बैच का चयन किया गया था।
मैट्रिक परीक्षा के टॉप टेन की सूची
नाम अंक रैंक
कुणाल जिज्ञासु 487 1 
नीरज रंजन 487 1
अभिनव कुमार 485 2
मुकूल रंजन 485 2
सोनू कुमार 484 3
विवेक वैभव 484 3
मो. आकिब जावेद 483 4
प्रतिभा कुमारी 483 4
मो.अशफाक खालिद 483 4
खुशबू कुमारी 482 5
अभिनव आदर्श 482 5
पल्लवी गुडान 482 5
प्रीति कुमारी 482 5
सूरज कुमार 482 5
शिवम राज 482 5
मुस्कान कुमारी 482 5
अमन कुमार 482 5
शुभम राज 481 6
साकेत कुमार 480 7
विकास कुमार 479 8
कमलेश कुमार 479 8
रोहित कुमार 479 8
कुमार आर्यभट्ट 478 9
अमन कुमार 478 9
अनुराग अंकित 478 9
विवेक कुमार 478 9
कशिश 478 9
अभिषेक कुमार 477 10
धीरज कुमार 477 10

Tuesday, May 26, 2015

गया ज़िला जदयू अघ्यक्ष पर जानलेवा हमला, 1 की मौत, 2 घायल


          -- फैसल रहमानी
         गया ज़िला जदयू अध्यक्ष अभय कुशवाहा के निवास पर पार्सल बम फटने से 1 व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 2
गंभीर रूप से घायल हो गए। पार्सल बम श्री कुशवाहा के कुजापी स्थित निवास के पते पर भेजा गया था जिसे खोलते ही ज़बरदस्त विस्फ़ोट हुआ जिसमें घर का नौकर मारा गया। घायलों को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के समय श्री कुशवाहा अपने घर पर मौजूद नहीं थे। घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चला है। इस बीच एसएसपी मनु महाराज ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया और कहा कि हालांकि पार्सल भेजने और पहुंचाने वाले का अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है लेकिन जल्दी ही इसका पता लगा लिया जाएगा। जदयू कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राजनीतिक साज़िश के तहत श्री कुशवाहा पर जानलेवा किया गया है।

Monday, May 25, 2015

बंद के दौरान एमसीसी ने 32 ट्रकों को किया आग के हवालेे


                                      
जलता ट्रक
 फैसल रहमानी


   उग्रवाद प्रभावित गया ज़िले के आमस थाना क्षेत्र के बिशुनपुर गांव के समीप दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 (जीटी रोड) पर देर रात प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) यानि एमसीसी के एक हथियारबंद दस्ते ने कोहराम मचाते हुए एक-एक कर 32 ट्रकों में आग लगा दी, जिससे करोड़ों रूपये मूल्य की संपत्ति जलकर नष्ट हो गयी।
                        पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि करीब सौ की संख्या में माओवादियों का हथियारबंद दस्ता बिशुनपुर गांव के समीप जीटी रोड पहुंचा और वहां से गुज़र रहे ट्रकों को रोक कर उन्हें एक-एक कर आग के हवाले कर दिया।
 उल्लेखनीय है कि माओवादियों ने 25 व 26 मई को बिहार बंद की घोषणा की है। माओवादियों यह बंद पिछले दिनों हुए
मआोवादी कि चिट्ठी 
कॉंबिंग ऑपरेशन में मारी गई महिला नक्सली सरिता गंझू की मौत के विरोध में बुलाया था। इस दौरान इस वारदात को अंजाम दिया। बताया जाता है कि प्रशासन ने रेलवे की सुरक्षा बढ़ा दी है। ख़ास कर मगध से होकर गुजरने वाले ट्रेनों पर विशेष निगरानी की जा रही है।

Wednesday, May 20, 2015

क्राइम रोकने के लिए गया एसएसपी हुए हाईटेक



- फैसल रहमानी

अब किसी मामले में कार्रवाई को लेकर थानाध्यक्षों की मनमानी नहीं चलेगी। अगर आप किसी मामले में थानाध्यक्ष, इंस्पेक्टर व डीएसपी की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं तो सीधे एसएसपी मनु महाराज को वाट्सएप पर अपनी शिकायत मैसेज, फ़ोटो व आवेदन भेज सकते हैं एसएसपी तुरंत कार्रवई करेंगे। इसके लिए एसएसपी ने मोबाइल नं. 7543077077 सार्वजनिक किया है। इस पर भेजी जाने वाली सूचनाओं को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। 
एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि लोगों की सहूलियत के लिए सरकार ने थानाध्यक्षों से लेकर वरीय पुलिस पदाधिकारियों को सरकारी मोबाइल फ़ोन उपलब्ध कराया है। मोबाइल नंबर वर्षों पहले सार्वजनिक किए जा चुके हैं। लेकिन हाल के महीनों में वाट्सएप का प्रयोग करने वाले लोगों की संख्या में काफ़ी बढ़ोत्तरी हुई है। ज़िला मुख्यालय से सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित गांवों में रहने वाले लोग भी वाट्सएप का प्रयोग कर रहे हैं। लोगों की सहूलियत को देखते हुए गया पुलिस ने एक नया मोबाइल नंबर 7543077077 सार्वजनिक किया है।

ज़िला मुख्यालय में आने से मिलेगा छुटकारा -
                 एसएसपी ने बताया कि किसी मामले को लेकर शिकायत करने के लिए उनसे मुलाक़ात करने के लिए ज़िला मुख्यालय यानि एसएसपी कार्यालय आने की ज़रूरत नहीं है। अब लोग घर बैठे ही वाट्सएप का प्रयोग कर अपनी शिकायतों को उनके पास पहुंचा सकते हैं। एसएसपी ने बताया कि किसी घटना से संबंधित फ़ोटो, मैसेज या आवेदन की कॉपी भेज सकते हैं। यह सेवा 24 घंटे काम करेगा और सम्बंधित शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।

टाल-मटोल करनेवाले पुलिसकर्मियों की खुलेगी पोल -
                एसएसपी ने बताया कि  कभी दूर-दराज़ इलाक़े में कोई घटना होने पर टाल-मटोल करने वाले पुलिसकर्मियों की पोल खुल जाएगी। अगर किसी घटना को लेकर किसी व्यक्ति ने फ़ोटो भेज दिया, तो वहां की स्थिति के बारे में तुरंत पता चल जाएगा। संबंधित थाने की पुलिस घटनास्थल पर है या नहीं, इसका भी स्पष्ट पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पुलिसिंग में पारदर्शिता आएगी।
Gaya SP

Thursday, May 14, 2015

गया में ऑनर किलिंग : प्रेमी युगल को ज़िंदा जलाया


फ़ैसल रहमानी
 एक प्रेमी जोड़े को बिरादरी की पंचायत ने जिंदा जलाने का फ़रमान सुनाया। दोनों को पहले लाठियों से पीटा गया। जब वे बेसुध हो गए तो एक ही चिता पर फूंक डाला। गया जिले के वज़ीरगंज थाना के अमैठा गांव में सरेआम सज़ा देने की यह कार्रवाई क़रीब तीन घंटे तक चली। पुलिस जब तक पहुंची, चिता की आग ठंडी हो चुकी थी।
मारा गया युवक उस गांव का दामाद था, जहां यह सब हुआ। 16 वर्षीय लड़की भी उसी गांव की थी। ज़िंदा जलाने का फ़रमान सुनाने वाली पंचायत में लड़की के परिजन भी शामिल थे। मृतक जयराम की पत्नी व परिजन मौक़े पर थे। लेकिन असहाय होकर हत्या का नंगा नाच देखने को विवश थे। तीन बच्चों का बाप जयराम वज़ीरगंज के कसियाडीह गांव का रहने वाला था। कसियाडीह और अमैठा की दूरी 11 किमी है। वज़ीरगंज थाने के जिस अमैठा गांव में पंचायत लगाकर प्रेमी युगल को मौत की सज़ा सुनाई गई, वहां इसमें शामिल लोगों ने किसी भी हालात से निबटने के लिए पहले से व्यवस्था कर रखी थी।

 उनमें शामिल लोगों के पास अवैध असलहे थे, जिससे उनका विरोध करने का साहस गांव के अन्य लोग नहीं जुटा पाए। यही वजह रही कि लड़के के ससुराल के परिवार वाले भी कुछ नहीं कर पाए। प्रेमी युगल चीख़ते रहे लेकिन लोगों ने उन्हें जला दिया। उसकी पत्नी जब तक थाने पहुंची, तब तक सब कुछ ख़त्म हो चुका था। प्रेमी युगल को गांव से 500 गज़ की दूरी पर ले जाकर वंशी नाला बधार के पास जिंदा जलाया गया। घटनाक्रम के दौरान असलहे से लैस लोग पहरेदारी करते रहे। अमैठा टोले मे महादलित और यादव जाति के करीब एक सौ घर हैं। चालीस से पचास महादलित परिवार को आशंका थी कि दूसरे वर्ग के लोग पंचायत के निर्णय में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। इसी से वे हथियारों से लैस थे।

Tuesday, April 28, 2015

विष्णुपद में भूकंप पीड़ितों के लिए हो रही है विशेष पूजा




फैसल रहमानी

पिंडदान के माध्यम से मृत आत्मा की मुक्तिधाम के रूप मेंप्रसिद्ध गया जी में सात दिन की विशेष पूजा शुरू की

गई है और इस पूजा का उद्देश्य है कि भूंकप से काल के गालमें समा चुके मृत आत्मा की शांति और भगवान विष्णुको प्रसन्न करने की कामना जिससे कि पृथ्वीलोक परइस तरह की त्रासदी दुबारा नहीं आ पाए.ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर में शुरू की गई. इस विशेषपूजा में 11 ब्राहृण वैदिक रीति रिवाज से मंत्रोच्चारकर रहें हैं. यहां स्थापित विष्णु चरण का प्रतिदिन 51लीटर दूध से दुग्धाभिषेक कर रहें हैं और इसके साथ ही 21किलो तुलसी का पत्ता भी उनकी चरण में अर्पित कररहे हैं.दुग्धाभिषेक के बाद पंडा समाज द्वारा विष्णु शास्त्रका पाठ भी किया जा रहा है और यह विशेष पूजाअगले सात दिनों तक चलता रहेगा.इस पूजा को संपन्न कराने वाले आचार्य रामाचार्यकी मानें तो भगवान विष्णु को पालनहार के रूप में मनागया है और भूकंप जैसी त्रास्दी जब विपत्ति के रूप मेंआती है तो भगवान विष्णु ही उन विपत्ति को दूर करनेका काम करते है. इसलिए वैदिक रीति-रिवाज से यहसात दिनों की यह विशेष पूजा की जा रही है.विष्णुपद मंदिर कमिटि के सचिव गजाधल लाल पाठकऔर पंडा महेशलाल गुप्त की मानें तो इस भूकंप को लेकरलोगों के मन में ढेर सारी आशंकाएं हैं और इस आशंकाओं केनिवारण के लिए आधुनिक तकनीक की जानकारी केसाथ ही ईश्वर में आस्था जताना भी जरूरी है क्योंकिजिस समस्या का निदान कहीं नहीं मिलता है वहांलोग ईश्वर का ही नाम लेते हैं.