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Monday, September 14, 2015

बिहार में एनडीए सीटों का बंटवारा बीजेपी 160, लोजपा 40, रालोसपा 23 और हम 20 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।


पटना. एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया है। अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बीजेपी 160, लोजपा 40, रालोसपा 23 और हम 20 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। शाह ने कहा कि हम को 20 सीटें मिली हैं इसके साथ ही हम के कुछ कार्यकर्ता BJP के टिकट से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम के कितने कार्यकर्ता बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़ेंगे यह फैसला हमने मांझी पर छोड़ा है।
NDA में सीटों का बंटवारा: बीजेपी 160, लोजपा 40, रालोसपा 23 और हम को मिली 20 सीटें
दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि जंगल राज के साथ बिहार का विकास नहीं हो सकता है। जिस कांग्रेस पार्टी ने साढ़े 12 लाख करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार किया है और लालू प्रसाद के जंगल राज के साथ नीतीश कुमार कैसे सुशासन की बात कर सकते हैं। शाह ने कहा कि बिहार की जनता नीतीश को नहीं चाहती है।
अमित शाह ने कहा कि जिस महागठबंधन का मुखिया ही नहीं रहा तो अब महागठबंधन कैसा, पर एनडीए में भाजपा के साथ तीनों सहयोगी दल रालोसपा, हम और लोजपा एकजुट हैं। हमलोगों में कोई विवाद नहीं है। एकजुट होकर हमलोग चुनाव लड़ रहे हैं। एक साथ मिलकर हमलोग कार्यक्रम भी चला रहे हैं।
अमित शाह ने कहा कि जीतन राम मांझी को रविवार की रात बिहार भवन से निकाला गया। हम आम लिची तोड़ने से किसी को नहीं रोकते है। भले ही चुनाव आचार संहिता लागू हो गया है पर प्रावधान के तहत किराये देकर बिहार भवन में रहा जा सकता है। हम इसकी शिकायत बिहार की जनता से करेंगे।


http://www.bhaskar.com/news/c-268-504139-pt0171-NOR.html

Saturday, September 12, 2015

राजस्थान की भाजपा सरकार नहीं देगी बक़रीद की छुट्टी, हाई कोर्ट जा सकता मुस्लिम समुदाय।



--फ़ैसल रहमानी
राजस्थान में मुस्लिम समुदाय के सरकारी कर्मचारियों के बीच सरकार के एक निर्देश को लेकर असंतुष्टि का माहौल देखा जा रहा है, और वह इसके खिलाफ़ हाई कोर्ट जाने पर भी विचार कर रहे हैं। राजस्थान सरकार ने 25 सितंबर को जनसंघ के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर सभी प्राइवेट और सरकारी कॉलेजों में रक्तदान शिविर आयोजित करने का आदेश जारी किया है। ऐसे में रक्तदान शिविर आयोजन की यह तारीख़ ईद-उल-अज़हा यानी बक़रीद के दिन ही पड़ रही है, जिसके चलते हजारों मुस्लिम कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द हो जाएंगी। सभी प्राइवेट और सरकारी कॉलेजों के प्रधानाध्यापकों को राज्य सरकार द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वह 24 सितंबर को किसी भी कर्मचारी को छुट्टी न दें। इस फैसले को लेकर विपक्ष ने भी सरकार की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी सरकार जानबूझ कर राज्य के धर्मनिरपेक्ष माहौल को खराब करने की कोशिश कर रही है। वहीं जमात-ए-इस्लामी हिंद के राष्ट्रीय सेक्रेटरी सलीम इंजिनियर का कहना है कि यह मुस्लिम कर्मचारियों के मानव अधिकारों का खुला उल्लंघन है। ईद-उल-अज़हा मुस्लिमों के प्रमुख त्योहारों में से एक है, और यह आयोजन लोगों को उनका त्योहार मनाने से रोक रहा है। हालांकि उनका कहना है कि यह स्वैच्छिक है, लेकिन सर्कुलर में स्पष्ट लिखा हुआ है कि किसी को भी छुट्टी न दी जाए। वे इस मामले को लेकर हाई कोर्ट जाएंगे।

बिहार में तीसरा मोर्चा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार होसकते तारिक़ अनवर

अल्पसंख्यक वोटरों को अपनी ओर खीचने की राजनीति तेज हो गई है। सपा ने इस  के तहत अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार अल्पसंख्यक को बनाने का फैसला किया है। वहीँ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी बिहार में चुनाव लड़ने की घोषणा की है। असदुद्दीन ओवैसी ने सीमांचल में चुनाव लड़ने की घोषणा की है। उन्होंने किसी से गठबंधन के संबंध में अपने पत्ते नहीं खोले हैं। महागठबंधन पहले से ही अल्पसंख्यक वोटरों को अपनी ओर लुभाने के प्रयास में लगी हुई है।
समाजवादी पार्टी और एनसीपी के बीच गठबंधन लगभग अंतिम चरण में है। सूत्रों की माने तो थर्ड फ्रंट के नेता के रूप में सपा एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद तारिक अनवार को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करेगी। इसकी पूरी रणनीति बन गई है, इसकी औपचारिक घोषणा एक दो दिन में की जाएगी।
सीमाचंल के मुसलिम वोटरों को अपनी ओर खींचने के लिए सपा ने फैसला लिया है। राजनीतिक विशलेशक की माने तो सपा इसके तहत प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक को अपने साथ लाने का प्रयास करेगी।

वहीँ सामाजिक कार्यकर्ता  सरवर इक़बाल खान कहते हैं कि  सेक्युलर वोट यू पी ऐ के साथ है। मुसलमान किसी के बहकावे में नहीं आएं गए। 
एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एलान किया है कि उनकी पार्टी इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में उतरेगी। ओवैसी ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी केवल सीमांचल (पूर्णिया, सहरसा, किशनगंज, मधेपुरा, कटिहार, अररिया आदि) इलाके में चुनाव लड़ेगी। फिलहाल इसने किसी से कोई तालमेल के संकेत नहीं दिए हैं। बता दें कि सीमांचल में 5 नवंबर को वोटिंग होनी है।
महागठबंधन का गठबंधन ही अल्पसंख्यक वोटरों को एकजूट करने के लिए हुआ है। लेकिन सपा और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के चुनाव मैदान में आने के बाद इनके विखराव से इंकार नहीं किया जा सकता है।

Thursday, September 10, 2015

बिहार:12 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पांच चरण में होंगे चुनाव।

बिहार:12 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पांच चरण में होंगे चुनाव।
बिहार में विधानसभा चुनाव की
तारीख़ों का बुधवार को एलान हो गया। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी की ओर से की गई घोषणा के बाद मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो गया। ज़ैदी के मुताबिक़ पांच चरणों में चुनाव होंगे।
वोटिंग चरण - तारीख़ - विधानसभा सीटें
पहला - 12 अक्टूबर - 49 सीटें
दूसरा - 16 अक्टूबर - 32 सीटें
तीसरा - 28 अक्टूबर - 50 सीटें
चौथा - 1 नवंबर - 55 सीटें
पांचवां - 5 नवंबर -57 सीटें
काउंटिंग 8 नवंबर को होंगे। चुनाव प्रक्रिया 12 नवंबर तक पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
चुनाव आयोग के अहम एलान --
-कमीशन ने खास तैयारियां की हैं। सिक्युरिटी और त्योहार की तारीखों को ध्यान में रखकर ये तैयारियां की गई हैं।
-सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्सेज की तैनाती। सुरक्षा बेहद कड़ी होगी। घुड़सवार पुलिस, हेलिकॉप्टर्स और स्पेशल बोट्स से निगरानी।
-लाइसेंसी हथियारों को इकट्ठा करने के लिए स्पेशल कमेटियां बनाई गई हैं। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
-पैसों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने को लेकर खास तैयारी। पेड न्यूज और शराब के इस्तेमाल के रोकथाम की खास तैयारी।
-कोशिश रहेगी कि मतदान का रिकॉर्ड टूटे। एक नाम वाले कैंडिडेट्स की वजह से होने वाली गलतफहमी को दूर करने के लिए इस बार ईवीएम पर उनकी फोटोज भी होंगी।
-हर विधानसभा क्षेत्र में दो मॉडल मतदान केंद्र होंगे। मॉडल मतदान केंद्र के जरिए वोटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।
-चुनाव आयोग का भी कोई सदस्य अगर गलत काम करते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अन्य अहम आंकड़े
-6.68 करोड़ वोटर्स बिहार में
-243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव
-38 सीटें अनुसूचित जाति के लोगों के लिए
-47 सीटें नक्सल प्रभावित
-38 में से 29 जिले नक्सल प्रभावित
इस बार कड़ा मुकाबला
चुनाव में एक तरफ एनडीए है तो दूसरी तरफ जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस का ग्रैंड अलायंस
(जिससे सपा और राकांपा बाहर हो चुकी है) है।
एनडीए पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा। रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी और जीतनराम मांझी का हिंदुस्तान आवाम मोर्चा एनडीए में शामिल है। वहीं मोदी विरोधी खेमे के नेता मौजूदा
सीएम नीतीश कुमार हैं। इस अलायंस में दूसरे अहम नेता लालू प्रसाद हैं।