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Thursday, September 10, 2015

डॉ सैयद अहमद क़ादरी : उर्दू साहित्य का चमकता सितारा।

 

फ़ैसल रहमानी

प्रख्यात उर्दू साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ सैयद अहमद क़ादरी को बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा बिहार उर्दू अकादमी, पटना तथा बिहार राज्य उर्दू परामर्श समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। गया निवासी डॉ क़ादरी के के मनोनयन पर गया सहित राज्य भर के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों एवं पत्रकारों आदि ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी है।

इनमें पूर्व आईजी मासूम अज़ीज़ काज़मी,मुनाज़िर आशिक़ हरगानवी, मसूद मंज़र अधिवक्ता, प्रो ग़ुलाम समदानी, वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल क़ादिर, वरिष्ठ पत्रकार फ़ैसल रहमानी, मुशर्रफ़ अली ज़ौक़ी, नाज़ क़ादरी, अतहर हुसैन अंसारी, अबुज़र उस्मानी, क़ासिम फ़रीदी, मंसूर अहमद एजाज़ी, ज़हीर सिद्दीक़ी, ख़ुर्शीद हयात, प्रो शाहिद रिज़वी आदि प्रमुख हैं। इनलोगों ने आशा व्यक्त किया कि डॉ सैयद अहमद क़ादरी के मनोनयन से दोनों संस्थाओं में कार्यकारिणी के गठन को लेकर लम्बे समय से चल रहा गतिरोध समाप्त जायेगा। इन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि डॉ क़ादरी अपनी क्षमता से अधिक काम कर उर्दू भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार को गति देंगे।
ज्ञात हो कि डॉ सैयद अहमद क़ादरी की दर्जनों पुस्तकें अबतक प्रकाशित हो चुकी हैं। इन पुस्तकों को पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी, उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी, बिहार उर्दू अकादमी सहित कई संस्थानों ने पुरस्कृत किया है। इनकी एक पुस्तक "उर्दू सहाफ़त बिहार में" बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। डॉ क़ादरी को केके बिड़ला फ़ाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा फ़ेलोशिप अवार्ड से भी अलंकृत किया जा चुका है। हाल ही में अमेरिका भ्रमण के दौरान इनके सम्मान में कई गोष्ठियों का आयोजन किया गया। वॉयस ऑफ़ अमेरिका, वाशिंगटन ने डॉ क़ादरी से लिये गये साक्षात्कार को अपने आधे घंटे के एक विशेष कार्यक्रम में प्रसारित भी किया था। डॉ क़ादरी लम्बे समय से साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े हैं।