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Friday, February 12, 2016

बिहार में 87000 स्कुल शिक्षक हर दिन मारते हैं बंक


पटना : राज्य के प्रारंभिक स्कूलों में हर दिन करीब 75,000 से 87,000 शिक्षक बिना सूचना के गायब रहते हैं. इसका खुलासा ए. एन. सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान के सर्वे में हुआ हैं. 

सरकार की ओर संस्थान द्वारा कराये गये 'टाइम ऑन टास्क' सर्वे में यह साफ है कि स्कूलों में 19-22 फीसदी शिक्षक बिना सूचना के गायब रहते हैं, जबकि राज्य भर में प्रारंभिक स्कूलों में नियोजित व पुराने वेतनमान वाले शिक्षकों की कुल संख्या 3,95,868 है. इस आधार पर देखा जाये तो हर दिन 75,000 से 87,000 शिक्षक बिना सूचना के स्कूल नहीं आते हैं.

राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डा. डी. एस. गंगवार ने कहा है कि अब अगर शिक्षकों को एक दिन की सीएल (कैजुअल लीव) भी लेनी है तो उन्हें एक दिन पहले इसकी सूचना देनी होगी. इसके लिए अब शिक्षकों को प्रधानाध्यापक से आवेदन स्वीकृत (अप्लीकेशन एप्रुव) कराना होगा. साथ ही प्रधानाध्यापक भी हर दिन इसकी सूचना देंगे कि अगले दिन कौन-कौन शिक्षक अवकाश पर रहने वाले हैं? प्रधानाध्यपक इसकी सूचना मध्याह्न भोजन योजना की मॉनीटिरंग के लिए बनी आइवीआरएस (इंटरेक्टिव वॉइस रिस्पांस सिस्टम) के जरिये देंगे. प्रधानाध्यापक बतायेंगे कि अगले दिन (अगले कार्य दिवस) कितने शिक्षकों को उन्होंने छुट्टी दी है. इसके बाद अगर संंबंधित स्कूल का निरीक्षण किया जाता है 

और शिक्षकों की छुट्टी की एक दिन पहले बतायी गयी संख्या से ज्यादा शिक्षक अनुपस्थित पाये जाते हैं तो वैसे शिक्षकों को बिना सूचना गायब माना जायेगा और उन पर कार्रवाई की जायेगी. 

डा. गंगवार ने कहा कि बिना सूचना के गायब रहने वाले शिक्षकों से प्रारंभिक स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता बाधक हो रही है. इसलिए गुणवत्ता में सुधार के लिए इस निर्देश का कठोरता से पालन किया जाये. उन्होंने सभी डीइओ को निर्देश दिया है कि वे अपने जिले के सभी डीपीओ, बीइओ, प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों को इस संबंध में निर्देश जारी करें और इसका सख्ती से इसका अनुपालन करायें.