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Saturday, March 19, 2016

सोशल मीडिया में वायरल हुई नाबालिग के साथ जेल अधीक्षक की आपत्तिजनक तसवीर



किशनगंज : स्थानीय मंडल कारा में तैनात जेल अधीक्षक कृपा शंकर पांडे की स्थानीय सुभाषपल्ली निवासी एक नाबालिग के संग आपत्तिजनक तसवीर व वीडियो सोशल नेटवर्किंग साइट में वायरल हो जाने के बाद सनसनी फैल गयी वहीं स्थानीय पुलिस ने भी मामले को संज्ञान में लिया है.

मंगलवार को एसपी राजीव रंजन के निर्देश के बाद एसडीपीओ कामिनी बाला  मामले की जांच के लिए मंडल कारा जा पहुंची. जहां बंद कमरे में जेल अधीक्षक से पूछताछ की गयी़  इसके बाद एसडीपीओ ने बताया कि अब तक सिर्फ जेल अधीक्षक से ही पूछताछ की गयी है तथा नाबालिग से पूछताछ के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है.
उन्होंने कहा कि पूछताछ के क्रम में श्री  पांडे ने अपने उपर लगे  आरोपों को निराधार बताते हुए वीडियो में खुद  की तसवीर को सही बताया, परंतु नाबालिग को अपनी पुत्री समान बताया है.
क्या कहते हैं जेलर
जेल अधीक्षक  कृपा शंकर पांडे ने कहा कि मुझे बदनाम करने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने कहा कि  युवती के संग उनके संबंध बाप-बेटी के रिश्ते के समान हैं.
क्या कहती हैं एसडीपीओ
तसवीर व वीडियो के संबंध में एसडीपीओ कामिनी बाला ने कहा कि भारतीय संस्कार में किसी पिता द्वारा बेटी समान युवती के संग इतने अंतरंग संबंध कदापि नहीं हो सकते हैं

Thursday, March 17, 2016

नो शराब इन बिहार, पकड़े जाने पर नशा टुट जाए

बिहार कैबिनेट ने पूर्ण शराब बंदी और शराबखोरी को लेकर अपने वायदे के अनुरूप काम करना शुरू कर दिया है. आज कैबिनेट में सार्वजनिक स्थल पर शराब पीने वालों के लिये कड़ी सजा के साथ पांच लाख रुपये जुर्माने का फैसला लिया गया है.  नये प्रावधान में अगले महीने यानी अप्रैल से सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने या बेचने वालों को दस साल की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है. साथ ही एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक जुर्माना भी देना होगा.  यह निर्णय बुधवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया. बताया गया है कि यह प्रावधान पुलिस पर भी लागू होगा. यदि कोई पुलिस किसी निर्दोष को शराब मामले में फंसाने में शामिल पाया गया तो उन्हें सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा. पूर्व में इस तरह के प्रावधान नहीं थे.

सदन में लाया जायेगा विधेयक
जानकारी के मुताबिक यह विधेयक प्रावधान विधान मंडल के चालू सत्र में पारित कराया जायेगा. इसे राज्य सरकार एक अप्रैल से पूरे राज्य में लागू करेगी. बैठक में 28 एजेंडों का स्वीकृत किया गया. सूत्र ने बताया कि उच्च शिक्षा में प्रोन्नति और नियुक्ति के लिए गठित जस्टीस एनएम झा कमेटी के कार्यकाल को छह माह का विस्तार देने का निर्णय लिया गया है.  चीनी मिलों को इथेनॉल बनाने की अनुमति दी गयी है वहीं राज्य में स्प्रीट बनाना प्रतिबंधित कर दिया गया है. महिला पोलिटेकनिक कॉलेजों में महिला होस्टल के लिए राशि स्वीकृत किया गया है.
कई अधिकारी हुये बरखास्त
कैबिनेट की बैठक में कई डॉक्टर, बिप्रसे के अधिकारी और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी को बरखास्त करने का निर्णय लिया गया है. बरखास्त होने वालों में डॉ ओम प्रकाश, डॉ जवाहर लाल प्रसाद, डॉ कलीमुद्दीन, और बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी और ग्रामीण विकास विभाग के ओएसडी मनोज कुमार शामिल हैं. सूत्र ने बताया कि बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने 78 आयुर्वेदिक, 37 यूनानी सहत कुल 217 आयुष डॉक्टरों को प्रथम और द्वितीय एसीपी और द्वितीय एमएसएपी देने का निर्णय लिया गया है.
नगर निकायों में सफाई की समसया को दूर करने के लिए समूह ग के पद पर सेवानिवृत कर्मियों को संविदा के आधार पर नियुक्त करने की अनुमती दी गयी है. कहा गया है कि इससे नगर निकाय क्षेत्रों में सफाई की समस्या को दूर किया जायेगा. जिला परिषद और नगर निकायों में तैनात 20 हजार माध्यमिक शिक्षकों के वेतन भूगतान के लिए दो अरब रुपये स्वीकृत किया गया है. इन शिक्षकों के पिछले छह माह के बकाये वेतन का भुगतान होगा. 140 नगर निकायों को विभिन्न मदों में खर्च के लिए 434 करोड़, सामाजिक सहायता कार्यक्रम के लिए सात अरब और मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना मद में चार सौ करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं

Thursday, March 3, 2016

मुझे देश से नहीं देश में आज़ादी चाहीए : कन्हैया कुमार

कन्हैया कुमार JNU मे

कन्हैया के घर जशन में मोहम्मद मुसलिम और अन्य
जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार गुरुवार शाम तिहाड़ जेल से रिहा हो गए। उन्हें 20 दिन पहले ‘देशद्रोह’ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कन्हैया को बुधवार के दिन  अदालत ने ज़मानत दी थी। वे जब जेएनयू के परिसर में पहुंचे तो वहां उन्हें छात्रों और शिक्षकों ने उनका ज़ोरदार  स्वागत किया। कन्हैया के स्वागत में बड़ी तादाद में छात्र नारेबाजी कर रहे थे और हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे।


कन्हैया ने देर रात कैंपस में भाषण दिया। अपने भाषण में उन्होंने केंद्र सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधा। कन्हैया ने कहा की सरकार जेएनयू को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा हमें भारत से नहीं भारत में आज़ादी चाहीए

उन्होंने अपने भाषण के दौरान भारतरत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भी याद किया। उन्होंने कहा की उन्हें भारतीय संविधान पर पूरा भरोसा है।  कन्हैया ने अदालत पर भी भरोसा जताया।

आपको बता दें की देशद्रोह के आरोप में 12 फरवरी को कन्हैया की गिरफ्तारी हुई थी। कन्हैया पर आरोप है कि उन्होंने जेएनयू परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में देश विरोधी नारे लगाए थे। कन्हैया ने इस आरोप से बार-बार इनकार किया है।

उधर, दिल्ली सरकार की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में नौ फरवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में हुई देश-विरोधी नारेबाजी और जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार में कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है।




Friday, February 26, 2016

बिहार सरकार के बजट ने दिखाया देश को आईना

पटना। बिहार के वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए बिहार का बजट पेश किया. यह उनका पहला बजट था। पूरा बजट एक लाख 44 हजार 696 करोड़ का है जिसमें शिक्षा पर सबसे अधिक राशि आवंटित की गयी है, वहीं स्वास्थ्य को दूसरे नंबर पर रखा गया है।

इस बजट में एक और खास बात यह हैं कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. एससी-एसटी परिवारों के लिए जमीन का प्रावधान है. बीपीएल परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपए दिया जाएगा।
हर जिले में पारा मेडिकल इंस्टीट्यूट खोले जाएंगे. वहीं प्रवासी मजदूरों के स्लीपर क्लास का भाड़ा सरकार देगी. राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेज खेला जाएगा. हर घर में साफ पानी पहु्ंचाने पर भी जोर दिया गया है।

बजट की खास बातें –
14 जिलों में 2150 तालाबों का निर्माण होगा
बजट में नीतीश के 7 निश्चय पर जोर दिया गया है
7000 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया है
ग्रामीण सड़कों का निर्माण करीब 970 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा
पुल-पुलियों के निर्माण के लिए 469 करोड़ रुपए आवंटित
नदियों को जोड़ा जाएगा जिससे सूखे से बचा जा सकता है
80 किलोमीटर नए बांध निर्माण का लक्ष्य रखा गया है
स्टार्ट अप के लिए 500 करोड़ रुपए की मदद दी जाएगी
कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा
कृषि विश्‍वविद्यालय की स्थापना किशनगंज में की जाएगी
हर जिले में एएनएम स्कूल खोले जाएंगे

हर मेडिकल कॉलेज में एक नर्सिंग सेंटर होगा
सरकार किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण देगी
शिक्षा विभाग के लिए 21 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि
योजना विभाग के लिए 3500 करोड़ की राशि
एससी एसटी परिवारों को जमीन का प्रावधान
शहरों के नगर निगमों के बजट को बढाया जाएगा
ग्रामीण स्ट्रीट लाइट योजना पर भी विशेष जोर ​दिया जाएगा
पंचायतों में मनरेगा के जरिए भवनों के निर्माण को मंजूरी
ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने पर सरकार का जोर होगा
शौचालय निर्माण के लिए बीपीएल परिवारों को 12 हजार रुपए की मदद मिलेगी
उच्च शिक्षा के लिए सरकारी सहायता में इजाफा किया जाएगा
मुख्यमंत्री बालक और बालिका साइकिल योजना पर जोर दिया जाएगा
पांच प्राइवेट यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी
पर्यावरण और वन विभाग के लिए 242.27 करोड़ रुपए दिए जाएं

Wednesday, February 24, 2016

दिल्ली में जंगल राज और देश मे फासिवाद : नितीश कुमार

"मुख्यमंत्री ने बिहार चुनाव के दौरान आरएसएस प्रमुख पर दिए गये बयानों को फिर से दोहराते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मानसिकता आरक्षण विरोधी है।"
हालिया दिनों में घटी घटनाओं पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को एक बार आड़े हाथों लिया है। नीतीश कुमार ने कहा है कि केंद्र में जंगलराज है तो देश में फासीवाद चल रहा है। मौजूदा वक्त में देश की हालत अराजक हो गई है। बीजेपी जबरन देश के ऊपर अपने विचारों को थोप रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अपनी कैबिनेट के साथ बैठक के बाद बाहर आए मुख्यमंत्री ने बिहार चुनाव के दौरान आरएसएस प्रमुख पर दिए गये बयानों को फिर से दोहराते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मानसिकता आरक्षण विरोधी है।
नीतीश ने कहा कि कहा कि बीजेपी के विचारों से जो सहमत नहीं, वे उनकी नजर में देशद्रोही हैं। उन्होंने एक बार फिर जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार बताए कि कन्हैया ने देश के खिलाफ कौन-सा नारा लगाया था। इसका वे सबूत दें।
रेल बजट को लेकर नीतीश ने निराशा जाहिर की और कहा कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु के बजट से मुझे कोई उम्मीद नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा बहुत सारे प्रोजेक्ट अब तक पेंडिंग पड़े हुए हैं, लेकिन उस पर रेल मंत्री की ओर से कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है। कुछ प्रोजेक्ट तो ऐसे हैं, जो मेरे कार्यकाल के दौरान से ही लटके पड़े हैं लिहाजा मुझे कोई उम्मीद की किरण नजर नहीं आती

गया : दर्जी का बेटा यूपीएससी की परीक्षा में हुआ सफल



गया। टिकारी के पंचानपुर में दर्जी का काम करने वाले मो.मुख्तार का 25 वर्षीय बेटा जमील अख्तर ने यूपीएससी-15 की जारी लिखित परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उसे साक्षात्कार के लिए काल किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर मुख्तार ने बच्चों को बेहतर तालिम दी है। सफलता पर जमील ने रविवार को बताया कि आईएएस की तैयारी ज्ञान आईएएस कोचिंग के मार्गदर्शन में किए थे। इसी कोचिंग में काउंसलर का काम करते हुए अपनी पढ़ाई को जारी रखे हुए थे। कोचिंग के संचालक ज्ञान प्रकाश के मार्गदर्शन और मुफ्त में यूपीएसपी की सारी सामाग्री मिली थी। दूसरी प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में पहले पीटी और अब लिखित परीक्षा को निकाल पाए हैं। जमील की मां राबिया खातुन जो स्वयं निरक्षर है। मां और पिता को जमील जैसे होनहार पुत्र पर गर्व है। बेटे की मेहनत, परिश्रम, लग्न, माता-पिता और गुरू के आशीर्वाद से इस परीक्षा में सफलता मिली हैं। जमील ने माध्यमिक शिक्षा ठाकुर मुनेश्वर नाथ सिंह हाई स्कूल टिकारी, आईएससी की पढ़ाई सत्येंद्र नारायण सिन्हा कालेज टिकारी एवं बीएससी की पढ़ाई मिर्जा गालिब कालेज से किए थे। उसका सपना था कि प्रशासनिक क्षेत्र में अपने क‌र्त्तव्य को निभाए। सफल विद्यार्थी टिकारी के विशुनगंज सहवाजपुर टिकारी का रहने वाला है

Monday, February 22, 2016

'जेएनयू की जिस छात्रा की पुलिस को तलाश, वह है बिहार के भोजपुर की शान

चिंटू कुमारी 

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में देश विरोधी नारे लगने की घटना के बाद दिल्ली पुलिस पूछताछ के लिए छात्रसंघ की जिस पूर्व जनरल सेक्रटरी चिंटू कुमारी की तलाश कर रही है, वह भोजपुर जिले स्थित कोलोडिहरी गांव के हरिजन टोला की शान हैं।

चिंटू जब पढ़ाई के लिए दिल्ली आई थीं तब इसमें सीपीआई(एम-एल) ने काफी मदद की थी। बाद में उनका दाखिला जेएनयू में हुआ जहां वह एमफिल कर रही हैं। 20 साल की चिंटू 2014 में ऑल इंडिया स्‍टूडेंट्स असोसिएशन (आईसा) के टिकट पर छात्रसंघ का चुनाव लड़कर जनरल सेक्रटरी बनी थीं।

चिंटू के पैरंट्स आईसा के पैरंट ऑर्गनाइजेशन सीपीआई (एम-एल) के सदस्‍य हैं। बिहार में जब जातिवाती हिंसा का खूनी दौर चल रहा था और रणवीर सेना ने 1996 में जब बथानी टोला नरसंहार को अंजाम दिया था तब उनके पिता रामलखन ने छिपकर अपनी जान बचाई थी। मजदूरी में बढ़ोतरी की मांग को लेकर वह खेतिहर मजदूरों के आंदोलन का नेतृत्‍व कर चुके हैं जिसकी वजह से ऊपरी तबके के लोगों में उनके खिलाफ गुस्‍सा था।


चिंटू की मां सरोजिनी रोजी-रोटी के लिए चूड़‍ियां बेचने का काम करती हैं। वहीं उनसे छोटी दो बहनें सीपीआई (एम-एल) की मदद से ही दिल्‍ली में पढ़ाई कर रही हैं। उनके भाई संदीप आरा के सीपीआई(एम-एल) दफ्तर में ही रहते हैं और कॉलेज की पढ़ाई कर रहे हैं।

जब सरोजिनी को जेएनयू की घटना के बारे में पता चला तो वह काफी परेशान हो गईं। अपनी बेटी को देशद्रोही करार दिए जाने से वह काफी दुखी हैं। उन्‍होंने कहा, 'हमने सिर्फ यही चाहा कि हमारे बच्‍चे पढ़-लिख जाएं ताकि वे देश की सेवा कर सकें। हमने यह कभी नहीं चाहा कि वे कमाकर हमें खिलाएं या फिर हमारे लिए घर बनवाएं।' सरोजिनी ने कहा कि उनका परिवार तहेदिल से लेफ्ट विचारधारा को मानता है, लेकिन वे देशद्रोही नहीं हैं।

सरोजिनी ने अपनी बेटी को देशद्रोही करार दिए जाने के लिए केंद्र सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया। जब चिंटू के सरेंडर करने की बात पूछी गई तो उन्‍होंने सवाल खड़े किए और पूछा कि उसे सरेंडर क्‍यों करना चाहिए। उन्‍होंने कहा, 'वह इसलिए सरेंडर करे ताकि भगवा ब्रिगेड से जुड़े काले कोट वाले लोग पुलिस के सामने उसकी पिटाई करें जैसा कि उसके दोस्‍त कन्‍हैया कुमार की हुई।' एनबीटी

Saturday, February 20, 2016

प्रधानमंत्री को अब देश की जनता को बताना चाहिए कि उनकी नजर में देशद्रोह की परिभाषा क्या है ? :नितीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) मामले में केन्द्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के इतने दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस उसके खिलाफ देशद्रोह का सबूत नहीं जुटा सकी, तो देशद्रेाह का आरोप कैसा? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अब देश की जनता को बताना चाहिए कि उनकी नजर में देशद्रोह की परिभाषा क्या है?

नीतीश ने कन्हैया कुमार के खिलाफ सबूत की मांग करते हुए कहा कि भाजपा खुद इस भावनात्मक मुद्दे को उठाकर अन्य मुद्दे को खत्म करना चाहती है। पटना में जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया की गिरफ्तारी के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक प्रश्न पर उन्होंने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, भाजपा ने जबरन इस मुद्दे को उछाला है, ताकि लोगों का ध्यान दूसरी ओर ले जाया जा सके। भाजपा विकास के सभी मोर्चे पर विफल साबित हो गई है। अब उसने भावनात्मक मुद्दे को उठाया है जिससे अन्य मुद्दों से लोगों का ध्यान हट जाए।
उन्होंने कहा कि इतने दिन गुजर जाने के बाद भी कन्हैया के खिलाफ न गृह मंत्रालय और न ही दिल्ली पुलिस सबूत जुटा सकी है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर कोई सबूत तो लाएंगे न? मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र सरकार जेएनयू जैसे शिक्षण संस्थानों को ध्वस्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि जेएनयू में उनकी विचारधाराओं को नहीं मानने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है, इसलिए अपने विचारों को थोपने के लिए ये सब किया जा रहा है।
भाजपा द्वारा बिहार में "जंगलराज" कहे जाने पर भी नीतीश ने हमला बोलते हुए कहा, लोग बिहार में जंगलराज होने का आरोप लगाते हैं, ऐसे लोगों को अब बताना चाहिए कि दिल्ली में पटियाला हाउस अदालत परिसर में पुलिस की मौजूदगी में जो हमले हुए, तो जंगलराज कहां है