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Thursday, February 25, 2016

जाट आंदोलन के दौरान महिलाओं के साथ गैंगरेप की ख़बरों से मचा हड़कंप

जाट आंदोलन के दौरान महिलाओं के साथ गैंगरेप की खबरों से हड़कंप मच गया है। मीडिया में सामने आई कुछ रिपोर्टों के अनुसार, बीते हफ्ते से हरियाणा में चल रहे जाट आंदोलन के दौरान मुरथल हाईवे पर कथित रूप से 10 महिलाओं के साथ गैंगरेप की एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है।

इन रिपोर्टों में एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि सोनीपत जिले में नेशनल हाईवे-1 पर बीते सोमवार की सुबह कुछ वाहनों को रोककर (जिनमें बसें भी थी) उनमें सवाहै
महिलाओं के साथ खेतों में ले जाकर सामूहिक बलात्कार किया गया। गैंगरेप के बाद पीडि़त महिलाओं को निर्वस्‍त्र करके वहीं खेतों में छोड़ दिया।

इन रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि 17 फरवरी की सुबह चार बजे के करीब 30 उपद्रवियों ने मुरथल के पास एनएच-1 पर एनसीआर जाने वाले वाहन रोके और कुछ को आग लगा दी, जिसमें बस भी शामिल थे। कई लोग भाग गए पर कुछ महिलाएं रह गईं। उपद्रवियों ने इनके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद कुल 10 महिलाओं से गैंगरेप किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, चश्मदीदों के मुताबिक, रेप के बाद महिलाओं को खेतों में ही छोड़ दिया। निकटवर्ती गांव के लोग कपड़े और कंबल लाए और जिसके बाद पीडि़ताओं ने खुद को ढका। हालांकि घटना की सूचना पर अधिकारी भी मौके पर पहुंचे लेकिन आरोप है कि पीडि़तों को मेडिकल मदद और जांच के बजाय परिजनों पर महिलाओं को घर ले जाने का दबाव बनाया गया। पीडि़तों को रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने के लिए कहा। निकटवर्ती ढाबा संचालकों ने चुप्पी साध ली है।

दूसरी ओर, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर इस रिपोर्ट का संज्ञान लिया, जिस पर गुरुवार को सुनवाई होगी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिनमें जाम के दौरान गाडिय़ों से 10 महिलाओं को खींचकर गैंगरेप किया गया। कोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है। न्यायाधीश ने मीडिया रिपोर्टों पर स्वत: संज्ञान लेते बुधवार को कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक घटना है।

एक अन्‍य रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के डीजीपी यशपाल सिंघल ने गैंगरेप की खबर को अफवाह बताया है। हरियाणा पुलिस ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इसे अफवाह करार दिया है। पुलिस का कहना है कि ऐसी कोई भी घटना घटित नहीं हुई है लेकिन मौके पर मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक तकरीबन 10 महिलाएं इस घटना का शिकार हुईं। उक्‍त रिपोर्ट के अनुसार यहां पुलिस पीड़ितों और उनके परिवारों को ‘अपने सम्मान की खातिर’ रिपोर्ट दर्ज न कराने क दबाव डाल रही है



The Tolerant Indian

Thursday, May 28, 2015

फरीदाबाद कि बल्लभगढ़ का गाँव अटाली जहाँ कि अल्पसंख्यक खौफ से जी रहे हैं !




नवेद चौधरी
बल्लभगढ़ का एक गाँव अटाली जो की फरीदाबाद स्तिथ है । जहाँ बीते दो दिनों से क़ौमी एकता को ताख में रख कर तनाव बड़ा हुआ है । बात कुछ इतनी सी थी के गाँव के दबंग (जाट और ठाकुर) गाँव में मस्जिद बनने देना नही चाहते जबकि मस्लिम अपनी इबादतगाह बनाने के लिय कई सालों से चंदा वगेरा कर के मस्जिद की तामीर कराना चाहते थे ।
सोमवार को मस्जिद का लेंटर डाला गया जो की दबंगों को नही भाया और नमाज़ पड़ते लोगो पर पथराव शुरू करदिया गया ।।
ठाकुर और जाटो ने पथराव में पहल करते हुए ।काफ़ी लोगो को नुक्सान पोह्चाया।पुलिस के आने के बाद मामला ठंडा हुआ और धारा 144 लगा दी गई ।

रात होते होते लोगो का गुस्सा बढ गया और गाँव में मुस्लिमो के 25 30 घरों गाड़ियों और मस्जिद को आग के हवाले करदिया गया ।कुछ लोगो और बच्चों और दो लड़कियों को जलाने की भी बात सामने आई है ।करीबन 40 50 लोग घायल हुए जिन्हें बल्लभगढ़ सिटी में हस्पताल में भर्ती कराया गया ।कुछ लोग तो इतने डरे सहमे हुए हैं की अपने घरों को वापस जाने तक को तैयार नही हैं साथ ही साथ जैसे थे वेसे ही अपने घर बार छोड़ कर पलायन करने को मजबूर हैं ।लाइट और पंखे जैसे थे वेसे ही खुले छोड़ कर गाँव वाले भागने को मजबूर थे ।।
मस्जिद के छत। पर कई गैस सिलिंडर फाड़ने की भी खबरे आरहीं हैं साथ ही साथ जनता पुलिस प्रशासन की भी नाक़ामी को गिना रही है लोग कह रहें हैं की पुलिस ने हमारा बिलकुल भी साथ नही दिया और न ही हमलावरों को रोका गया ।3 से 4 घंटे तक वो लोग अपनी मनमानी करते रहे और पुलिस तमाशबीन बन कर देखती रही ।
अभी थोड़ी देर पहले की अगर बात करें तो हमे यह पता लगा है की अटाली गाँव में फ़िर से आग ज़नी और फायरिंग हुई है ।।
मेरा सवाल बस इतना सा भाजपा सरकार से की अगर वो अल्प्संखिय्को को सुरक्षा नही दे सकते तो प्रधानमंत्री को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए ।जबसे भाजपा सरकार आई तबसे आज तक ऐसे अनेको मामले सामने आये हैं ।।
और इनके निशाने पर अल्पसंख्यक ही हैं फ़िर वो चाहें मुस्लिम हों इसाई हों या फ़िर दलित ।।




खूब हुई विकास की बात यार
अबकी बार दंगो की सरकार
जल्द ही नई अपडेट देने की कोशिश करेंगे


  • नवेद चौधरी के फेस बुक वाल से आभार 


Wednesday, May 27, 2015

मैं बिफ खाता हुं रोक सको तो रोक लो - गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू

गोमांस पर केंद्रीय राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की ‘नागवार सलाह’ पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने मंगलवार को यहां कि वे नकवी के इस बयान को आपत्तिजनक मानते हैं कि गोमांस खाने वाले पाकिस्तान चले जाएं। रिजिजू ने इस बयान को अवांछनीय बताया।

केंद्रीय मंत्री बनने के बाद पहली बार एजल की दो दिनी यात्रा पर आए रिजिजू ने पत्रकारों से कहा कि वैसे राज्य जहां हिंदू बहुसंख्यक हैं, वहां गो हत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बना सकते हैं। लेकिन पूर्वोत्तर राज्यों पर इसे थोपा नहीं जा सकता। यहां बहुसंख्य लोग गोमांस खाते हैं।
     गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू

Monday, May 25, 2015

बंद के दौरान एमसीसी ने 32 ट्रकों को किया आग के हवालेे


                                      
जलता ट्रक
 फैसल रहमानी


   उग्रवाद प्रभावित गया ज़िले के आमस थाना क्षेत्र के बिशुनपुर गांव के समीप दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 (जीटी रोड) पर देर रात प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) यानि एमसीसी के एक हथियारबंद दस्ते ने कोहराम मचाते हुए एक-एक कर 32 ट्रकों में आग लगा दी, जिससे करोड़ों रूपये मूल्य की संपत्ति जलकर नष्ट हो गयी।
                        पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि करीब सौ की संख्या में माओवादियों का हथियारबंद दस्ता बिशुनपुर गांव के समीप जीटी रोड पहुंचा और वहां से गुज़र रहे ट्रकों को रोक कर उन्हें एक-एक कर आग के हवाले कर दिया।
 उल्लेखनीय है कि माओवादियों ने 25 व 26 मई को बिहार बंद की घोषणा की है। माओवादियों यह बंद पिछले दिनों हुए
मआोवादी कि चिट्ठी 
कॉंबिंग ऑपरेशन में मारी गई महिला नक्सली सरिता गंझू की मौत के विरोध में बुलाया था। इस दौरान इस वारदात को अंजाम दिया। बताया जाता है कि प्रशासन ने रेलवे की सुरक्षा बढ़ा दी है। ख़ास कर मगध से होकर गुजरने वाले ट्रेनों पर विशेष निगरानी की जा रही है।

Saturday, May 23, 2015

भारत को नहीं मिल रहा विदेशी निवेश: चीनी अखबार


पेइचिंग 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा खत्म होने के दो दिन बाद चीन सरकार के मुखपत्र ने लिखा है कि भारत को शायद ही विदेशी निवेश मिल पाए। अखबार ने पावर डिप्लोमेसी को मोदी सरकार के एक साल की मुख्य उपलब्धि तो बताया है, मगर यह भी कहा है कि बावजूद इसके भारत में बहुत कम विदेशी निवेश आ रहा है।

चीन सरकार द्वारा चलाए जाने वाले अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने 'दुनिया नाप रहे मोदी के लिए बड़ी चिंता है इकॉनमी' टाइटल से एक ऑपिनियन लिखा है। इस लेख के मुताबिक, 'अगर कोई देश भारत में इन्वेस्टमेंट को प्रोत्साहन देता है, तो ज्यादातर कार्यक्रमों को सरकार खुद ही देखेगी। प्राइवेट बिज़नस सेक्टर तो 
अखबार ने लिखा है, 'भौगोलिक रूप से अच्छी जगह स्थित होने की वजह से भारत को अच्छा डिप्लोमैटिक वातावरण मिला है। नई दिल्ली भले ही इन्वेस्टर्स को यह समझाने की कोशिश करती रहती है कि भारत में बिजनस फायदेमंद है, मगर हकीकत यह है कि मौजूदा हालत इस बात के बिल्कुल उल्टे हैं।'

अखबार ने लिखा है, 'अक्सर वहां बिजली चली जाती है। न तो अच्छी सड़कें हैं और न ही अच्छी बंदरगाहें हैं। वक्त-वक्त पर मजदूर आंदोलन भी होते रहते हैं। इस तरह के खराब हालात के बावजूद वहां निवेश करना बड़ी समस्या पैदा कर सकता है।'

आर्टिकल में लिखा है कि मोदी सरकार ने इन्वेस्टर्स के लिए स्पेशल इकनॉमिक जोन, फ्री टैक्स जोन और फ्री ट्रेड एरिया मुहैया कराने से जैसे कई कदम उठाए हैं, मगर राज्य सरकारों ने इनका विरोध किया है। अखबार कहता है कि भारत में राज्य सरकारें लोकल इकनॉमिक डिवेलपमेंट के लिए नीतियां अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि भारत को अमेरिका जियोपॉलिटिकल रणनीति के तहत चीन से मुकाबला करने के लिए बढ़ावा दे रहा है, जबकि पेइचिंग अपने पड़ोसी मुल्कों से दोस्ताना रिश्ते रखना चाहता है। अखबार में लिखा है, 'मोदी को इस बात का अहसास है। इसीलिए ऑफिस संभालने के बाद उन्होंने सक्रिय रूप से अंतर्राष्ट्रीय तालमेल बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी थी।'

अखबार ने लिखा है, 'मगर भारत लंबे समय से स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम रहा है और किसी और बहकावे में आकर किसी की तरफ से लड़ने में उसकी कोई रुचि नहीं है। भारत ने बड़ी सावधानी से कदम उठाया है। जिस वक्त मोदी पुतिन से गले मिल रहे थे, उसी वक्त वॉशिंगटन से भी रिश्ते गहरे कर रहे थे।'


आभार : नव भारत टाइम्स

Tuesday, May 19, 2015

नीतीश कुमार : जनता परिवार के विलय को लेकर प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि जनता परिवार के विलय के लिए अधिकृत मुलायम सिंह यादव को मेरा यह सुझाव होगा कि जितनी जल्दी हो सके विलय की अन्य औपचारिकताओं को लेकर वह बैठक बुलाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की जनता को स्पष्ट रूप से यह बताया जाना चाहिए कि क्या हो रहा है और क्या नहीं? जब तक बैठक नहीं होगी तब तक स्पष्ट नहीं होगा कि विलय को लेकर कोई पेच है या नहीं।
जनता दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद नीतीश ने कहा कि मेरी समझ से विलय में कोई तकनीकी पेच नहीं है। सभी छह दलों के अध्यक्षों को शामिल कर मुलायम सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी हुई है। उन्हें बैठक कर चुनाव चिन्ह, नाम व स्वरूप पर चर्चा करनी है। सभी दल मिलकर इस बारे में चुनाव आयोग से बात करेंगे।
जनता परिवार के विलय को लेकर प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता परिवार के विलय के प्रति मैं प्रतिबद्ध हूं। विलय की घोषणा तो वैसे भी पहले हो चुकी है। इसलिए इससे पीछे जाने का प्रश्न नहीं है। वैसे इस मसले पर सार्वजनिक रूप से विचार व्यक्त करने से बचना चाहिए।
लालू को नहीं है परेशानी
मुख्यमंत्री से जब जदयू के एनडीए के संग जाने से संबंधित प्रश्न पूछा गया तो उन्होंने कहा, यह कल्पना से परे है। जानबूझकर भ्रम फैलाने वाली पार्टी यह अफवाह फैलाना चाहती है। यह भी नई तकनीक है कि नकारात्मक बातें बोल कर प्रचार हासिल करो। अरुण जेटली के घर जाकर भोजन करने से संबंधित प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति को इतना नीचे नहीं गिरा देना चाहिए कि इस पर चर्चा हो कि कौन कहां खाता है?

विभिन्न मंत्रालयों के 75 विभागों में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा शुरू !

केंद्र सरकार के दफ्तरों में बाबुओं और अफसरों से मिलने के लिए अब रोजाना चक्कर नहीं काटने होंगे। चाहे मंत्रालय हो या विभाग, सभी को निर्धारित समय पर घर बैठे अपॉइंटमेंट मिलेगा। मुलाकात के लिए तय समय की जानकारी ई-मेल या एसएमएस के जरिए दी जाएगी।
केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) ने किसी जरूरतमंद को सरकारी बाबुओं-अफसरों से मिलने के लिए आसान हल निकाला है। इसकी शुरुआत राजधानी में स्थित केंद्रीय मंत्रालयों के 75 विभागों में की गई है। आने वाले समय में देशभर में केंद्र के सभी विभाग के दफ्तर को इसमें शामिल किया जाएगा। साथ ही आम जनता को यह सुविधा मुहैया कराने का सुझाव राज्य सरकारों को भी दिया जाएगा। फिलहाल, विभिन्न मंत्रालयों के 75 विभागों में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा शुरू की है।
इसके लिए http://evisitors. nic.in/public/Home.aspx पर जाकर एक क्लिक करना होगा। जवाब में आपके ई-मेल या एसएमएस पर तय समय पर मिलने का समय दिया जाएगा। एक अधिकारी के मुताबिक, यह आवेदन कोई भी कर सकता है। इसके लिए सबसे पहले वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करके आवेदक को खुद से जुड़ी जानकारी मुहैया करानी होगी। आवेदक को न्यू विजिटर पर क्लिक करके अपना नाम, पता, आईडी कार्ड और जिस मंत्रालय या विभाग के अधिकारी से मिलना है, उसका नाम और वजह भी स्पष्ट करनी होगी।
साथ ही आवेदक अपनी ओर से भी मिलने की तारीख व समय लिख सकता है। हालांकि, दिए समय पर मिलना अधिकारी के व्यस्त नहीं होने पर ही संभव होगा। आवेदक के पास पहुंचने वाले ई-मेल या एसएमएस में एक नंबर मुहैया कराया जाएगा। आवेदक को यह संबंधित विभाग में रिसेप्शन पर देना होगा। यहां आवेदक का फोटो लेकर पास दिया जाएगा। एक बार रजिस्ट्रेशन करा चुके आवेदक को दोबारा प्रक्रिया की जरूरत न होगी।

21 विश्वविद्यालय की डिग्री नहीं है मान्य : UGC


-- फ़ैसल रहमानी
Purvanchal Post's photo.देश में 21 यूनिवर्सिटी फर्ज़ी हैं। यूजीसी ने वेबसाइट पर इनकी सूची जारी कर छात्रों को इनमें एडमिशन न लेने के लिए आगाह किया है। ऐसी यूनिवर्सिटी में दाख़िला लेने वाले छात्रों की डिग्री मान्य नहीं होगी। लिहाज़ा, किसी भी नौकरी के लिए उसका उपयोग नहीं हो सकेगा। लिस्ट में देश के नौ राज्यों में संचालित यूनिवर्सिटी के नाम हैं। इनमें सर्वाधिक नौ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में है। नागपुर में भी राजा अरेबिक नाम की ऐसी एक यूनिवर्सिटी है।
ग़ैरमान्यता विश्वविद्यालय की सूची:
मध्यप्रदेश:
1. केसरवानी विद्यापीठ, जबलपुर
दिल्ली:
2. कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, दरियागंज
3. यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी
4. वोकेशन यूनिवर्सिटी
5. एडीआर-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी,
एडीआर हाउस
6. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग
बिहार:
7. मैथिली यूनिवर्सिटी, दरभंगा
कर्नाटक:
8. बडागानवी सरकार वर्ल्ड ओपन यूनिवर्सिटी एजुकेशन सोसाइटी, बेलगाम
केरल:
9. सेंट जॉन, कृष्णट्टम
तमिलनाडु :
10. डीडीबी संस्कृत यूनिवर्सिटी, पुत्तुर, त्रिची
पश्चिम बंगाल :
11. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन, कोलकाता
उत्तरप्रदेश :
12. वाराणसेय संस्कृत यूनिवर्सिटी, वाराणसी
यूपी/ जगतपुरी, दिल्ली
13. महिला ग्राम विद्यापीठ/यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद
14. गांधी हिंदी विद्यापीठ, इलाहाबाद
15. नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स
होमियोपैथी, कानपुर
16. नेताजी सुभाषचंद्र बोस यूनिवर्सिटी (ओपन
यूनिवर्सिटी), अचलताल, अलीगढ़
17. उप्र यूनिवर्सिटी, मथुरा
18. महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन यूनिवर्सिटी, प्रतापगढ़
19. इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद, इंस्टीट्यूशनल एरिया, खोड़ा माकनपुर, नोएडा
20. गुरुकुल यूनिवर्सिटी,वृंदावन, मथुरा
महाराष्ट्र :
21. राजा अरेबिक यूनिवर्सिटी, नागपुर, महाराष्ट्र

Monday, May 18, 2015

गामलिन नियुक्ति विवाद: दिल्ली सरकार ने प्रधान सचिव के कार्यालय पर जड़ा ताला


उप राज्यपाल नजीब जंग और मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के बीच अधिकारक्षेत्र संबंधी विवाद ने आज उस समय घटिया रूप ले लिया जब आप सरकार ने कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में शकुंतला गामलिन की नियुक्ति का आदेश अधिसूचित करने वाले वरिष्ठ नौकरशाह अनिंदो मजूमदार के कार्यालय पर ताला जड़ दिया।
जब प्रधान सचिव (सेवा) अनिंदो मजूमदार आज सुबह अपने कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने पाया कि इस पर मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के कार्यालय के निर्देश पर ताला जड़ दिया गया है।
जंग से निर्देश मिलने पर गामलिन को नियुक्ति पत्र जारी करने वाले मजूमदार को केजरीवाल ने शनिवार को पद से हटा दिया था। उप राज्यपाल ने मजूमदार को स्थानांतरित करने के आदेश को यह कहकर उसी शाम निरस्त कर दिया था कि इसमें उनकी मंजूरी नहीं ली गई।
सूत्रों ने बताया, ‘‘अपने कार्यालय पर ताला जड़े जाने का मुद्दा मजूमदार द्वारा कार्यवाहक मुख्य सचिव शकुंतला गामलिन के समक्ष उठाए जाने की संभावना है।’’
केजरीवाल ने कल गामलिन पर 11 हजार करोड़ रुपये के ऋण के मामले में रिलायंस इन्फ्रा के स्वामित्व वाली दो डिस्कॉम्स का पक्ष लेने की कोशिश का आरोप लगाया था और कहा था कि मोदी सरकार आप सरकार को ‘‘विफल’’ करना चाहती है।
कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में गामलिन की नियुक्ति पर विवाद ने सत्तारूढ़ आप और जंग के बीच पिछले हफ्ते खुले टकराव का रूप ले लिया था और केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उप राज्यपाल प्रशासन पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं।
केजरीवाल के जबर्दस्त विरोध के बावजूद जंग ने शुक्रवार को गामलिन की नियुक्ति की थी। शनिवार को मुख्यमंत्री ने उनसे पदभार न संभालने को कहा था, लेकिन गामलिन ने मुख्यमंत्री के निर्देश को नजरअंदाज कर उप राज्यपाल के आदेश का पालन किया।