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Saturday, September 12, 2015

बिहार में तीसरा मोर्चा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार होसकते तारिक़ अनवर

अल्पसंख्यक वोटरों को अपनी ओर खीचने की राजनीति तेज हो गई है। सपा ने इस  के तहत अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार अल्पसंख्यक को बनाने का फैसला किया है। वहीँ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी बिहार में चुनाव लड़ने की घोषणा की है। असदुद्दीन ओवैसी ने सीमांचल में चुनाव लड़ने की घोषणा की है। उन्होंने किसी से गठबंधन के संबंध में अपने पत्ते नहीं खोले हैं। महागठबंधन पहले से ही अल्पसंख्यक वोटरों को अपनी ओर लुभाने के प्रयास में लगी हुई है।
समाजवादी पार्टी और एनसीपी के बीच गठबंधन लगभग अंतिम चरण में है। सूत्रों की माने तो थर्ड फ्रंट के नेता के रूप में सपा एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद तारिक अनवार को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करेगी। इसकी पूरी रणनीति बन गई है, इसकी औपचारिक घोषणा एक दो दिन में की जाएगी।
सीमाचंल के मुसलिम वोटरों को अपनी ओर खींचने के लिए सपा ने फैसला लिया है। राजनीतिक विशलेशक की माने तो सपा इसके तहत प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक को अपने साथ लाने का प्रयास करेगी।

वहीँ सामाजिक कार्यकर्ता  सरवर इक़बाल खान कहते हैं कि  सेक्युलर वोट यू पी ऐ के साथ है। मुसलमान किसी के बहकावे में नहीं आएं गए। 
एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एलान किया है कि उनकी पार्टी इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में उतरेगी। ओवैसी ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी केवल सीमांचल (पूर्णिया, सहरसा, किशनगंज, मधेपुरा, कटिहार, अररिया आदि) इलाके में चुनाव लड़ेगी। फिलहाल इसने किसी से कोई तालमेल के संकेत नहीं दिए हैं। बता दें कि सीमांचल में 5 नवंबर को वोटिंग होनी है।
महागठबंधन का गठबंधन ही अल्पसंख्यक वोटरों को एकजूट करने के लिए हुआ है। लेकिन सपा और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के चुनाव मैदान में आने के बाद इनके विखराव से इंकार नहीं किया जा सकता है।

Thursday, September 10, 2015

बिहार:12 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पांच चरण में होंगे चुनाव।

बिहार:12 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पांच चरण में होंगे चुनाव।
बिहार में विधानसभा चुनाव की
तारीख़ों का बुधवार को एलान हो गया। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी की ओर से की गई घोषणा के बाद मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो गया। ज़ैदी के मुताबिक़ पांच चरणों में चुनाव होंगे।
वोटिंग चरण - तारीख़ - विधानसभा सीटें
पहला - 12 अक्टूबर - 49 सीटें
दूसरा - 16 अक्टूबर - 32 सीटें
तीसरा - 28 अक्टूबर - 50 सीटें
चौथा - 1 नवंबर - 55 सीटें
पांचवां - 5 नवंबर -57 सीटें
काउंटिंग 8 नवंबर को होंगे। चुनाव प्रक्रिया 12 नवंबर तक पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
चुनाव आयोग के अहम एलान --
-कमीशन ने खास तैयारियां की हैं। सिक्युरिटी और त्योहार की तारीखों को ध्यान में रखकर ये तैयारियां की गई हैं।
-सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्सेज की तैनाती। सुरक्षा बेहद कड़ी होगी। घुड़सवार पुलिस, हेलिकॉप्टर्स और स्पेशल बोट्स से निगरानी।
-लाइसेंसी हथियारों को इकट्ठा करने के लिए स्पेशल कमेटियां बनाई गई हैं। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
-पैसों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने को लेकर खास तैयारी। पेड न्यूज और शराब के इस्तेमाल के रोकथाम की खास तैयारी।
-कोशिश रहेगी कि मतदान का रिकॉर्ड टूटे। एक नाम वाले कैंडिडेट्स की वजह से होने वाली गलतफहमी को दूर करने के लिए इस बार ईवीएम पर उनकी फोटोज भी होंगी।
-हर विधानसभा क्षेत्र में दो मॉडल मतदान केंद्र होंगे। मॉडल मतदान केंद्र के जरिए वोटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।
-चुनाव आयोग का भी कोई सदस्य अगर गलत काम करते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अन्य अहम आंकड़े
-6.68 करोड़ वोटर्स बिहार में
-243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव
-38 सीटें अनुसूचित जाति के लोगों के लिए
-47 सीटें नक्सल प्रभावित
-38 में से 29 जिले नक्सल प्रभावित
इस बार कड़ा मुकाबला
चुनाव में एक तरफ एनडीए है तो दूसरी तरफ जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस का ग्रैंड अलायंस
(जिससे सपा और राकांपा बाहर हो चुकी है) है।
एनडीए पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा। रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी और जीतनराम मांझी का हिंदुस्तान आवाम मोर्चा एनडीए में शामिल है। वहीं मोदी विरोधी खेमे के नेता मौजूदा
सीएम नीतीश कुमार हैं। इस अलायंस में दूसरे अहम नेता लालू प्रसाद हैं।

डॉ सैयद अहमद क़ादरी : उर्दू साहित्य का चमकता सितारा।

 

फ़ैसल रहमानी

प्रख्यात उर्दू साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ सैयद अहमद क़ादरी को बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा बिहार उर्दू अकादमी, पटना तथा बिहार राज्य उर्दू परामर्श समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। गया निवासी डॉ क़ादरी के के मनोनयन पर गया सहित राज्य भर के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों एवं पत्रकारों आदि ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी है।

इनमें पूर्व आईजी मासूम अज़ीज़ काज़मी,मुनाज़िर आशिक़ हरगानवी, मसूद मंज़र अधिवक्ता, प्रो ग़ुलाम समदानी, वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल क़ादिर, वरिष्ठ पत्रकार फ़ैसल रहमानी, मुशर्रफ़ अली ज़ौक़ी, नाज़ क़ादरी, अतहर हुसैन अंसारी, अबुज़र उस्मानी, क़ासिम फ़रीदी, मंसूर अहमद एजाज़ी, ज़हीर सिद्दीक़ी, ख़ुर्शीद हयात, प्रो शाहिद रिज़वी आदि प्रमुख हैं। इनलोगों ने आशा व्यक्त किया कि डॉ सैयद अहमद क़ादरी के मनोनयन से दोनों संस्थाओं में कार्यकारिणी के गठन को लेकर लम्बे समय से चल रहा गतिरोध समाप्त जायेगा। इन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि डॉ क़ादरी अपनी क्षमता से अधिक काम कर उर्दू भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार को गति देंगे।
ज्ञात हो कि डॉ सैयद अहमद क़ादरी की दर्जनों पुस्तकें अबतक प्रकाशित हो चुकी हैं। इन पुस्तकों को पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी, उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी, बिहार उर्दू अकादमी सहित कई संस्थानों ने पुरस्कृत किया है। इनकी एक पुस्तक "उर्दू सहाफ़त बिहार में" बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। डॉ क़ादरी को केके बिड़ला फ़ाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा फ़ेलोशिप अवार्ड से भी अलंकृत किया जा चुका है। हाल ही में अमेरिका भ्रमण के दौरान इनके सम्मान में कई गोष्ठियों का आयोजन किया गया। वॉयस ऑफ़ अमेरिका, वाशिंगटन ने डॉ क़ादरी से लिये गये साक्षात्कार को अपने आधे घंटे के एक विशेष कार्यक्रम में प्रसारित भी किया था। डॉ क़ादरी लम्बे समय से साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े हैं।

Monday, July 27, 2015

भारत रत्न’ डॉ एपीजे अब्दुल कलाम नहीं रहे ।

जनता के राष्ट्रपति ‘भारत रत्न’ डॉ एपीजे अब्दुल कलाम नहीं रहे इस की सुचना पत्रकार वा भाई Syed Shahroz Quamar ने दी मुझे बहुत अफ़सोस हुआ. अभी कुछ ही घंटा पहले शिल्लोंग गए थे. हमारी मुलाक़ात 2010 में पहली बार Aadil Hasan Azad साथ हुई थी। लगभग एक घंटा समय कैसे बिता पता न चला. जब हमलोग लौटने लगे तो डॉ साहिब ने रोका और खुद वो अंदर जा कर अपनी पुस्तक लाई और भेंट की और बहार तक साथ आये और वहां खड़े अधिकारियों को कहा जब आएं मिलवा ना हम से। उस क बाद कई बार मिला। और हर बार कुछ ना कुछ सीखा।

कुछ समझ मे नहीं आरहा है किया लिखूं किया ना लिखूं बस अल्लाह से दुआ करता हूँ के जन्नतुल फ़िरदौस मैं आला मुक़ाम दे और उन के चाहने वाले को सब्र। डॉ कलाम को रामेश्वरम में सपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की उपलब्धियां:
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भारत के पूर्व राष्ट्रपति और ‘भारत रत्न’ डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भारत में मिसाइल मैन के नाम से भी जाने जाते थे। 1962 में वे 'भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन' में शामिल हुए। कलाम को प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह (SLV 3) बनाने का श्रेय हासिल है। 1980 में कलाम ने रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा के निकट स्थापित किया था। उन्हीं के प्रयासों की वजह से भारत भी अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष क्लब का सदस्य बन गया। इसरो लॉन्च व्हीकल प्रोग्राम को परवान चढ़ाने का श्रेय भी इन्हें प्रदान किया जाता है। 1982 में कलाम रक्षा अनुसंधान विकास संगठन, DRDO से जुड़े। कलाम के नेतृत्व में ही भारत ने नाग, पृथ्वी, आकाश, त्रिशूल और अग्नि जैसे मिसाइल विकसित किए। 1997 में डॉ कलाम को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 2002 से 2007 के बीच डॉ कलाम, भारत के 11 वें राष्ट्रपति रहे। डॉक्टर कलाम ने स्वदेशी लक्ष्य भेदी (गाइडेड मिसाइल्स)
को डिजाइन किया। खास बात यह है कि इन्होंने अग्नि एवं पृथ्वी जैसी मिसाइल्स को स्वदेशी तकनीक से बनाया। एपीजे अब्दुल कलाम ने विंग्स ऑफ फायर, इग्नाइटेड माइंड्स, इंडिया 2020 जैसी कई मशहूर और प्रेरणा देने वाली किताबें लिखी हैं।

"अगर किसी देश को भ्रष्टाचार – मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना है तो ,
मेरा दृढ़तापूर्वक मानना है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं. पिता, माता और गुरु.
अब्दुल कलाम
मिसाईल मैन
भारत रत्न
शिक्षक
प्रोफेसर
शिक्षा विद
एक महान व्यकित्व
हर दिल अजिज इंसान
पूर्व राष्ट्रपति
डा.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
को नम आंखो से विदाई
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मैं तुम्हे यूं भुला ना पाउंगा
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मेरे लिये ये व्यक्तिगत नुकसान है
जब से होश संभाला है
आपको अपना आदर्श माना है
ऐसे लोगों का शायद ही
कभी धरती पर पदार्पण होता है
मुझे अभी भी विश्वास नही होता की
आप हमारे बीच नहीं है
ऐसे महान आत्मा को शत् शत् नमन
भावभीनी श्रधांजलि

  • रामबाबू साह

फोटो आभार : आदिल के फेस बुक वाल से साथ मे मैं भी दिख रहा हूँ। 



Sunday, June 21, 2015

लोकसभा के डिप्टी स्पीकर करिया मुंडा की टीचर बेटी बेच रही है आम


--फ़ैसल रहमानी

आम बेचने वाली यह महिला आम नहीं है। लगातार आठ बार सांसद व लोकसभा के डिप्टी स्पीकर रह चुके करिया मुंडा की बेटी हैं चंद्रावती सारू। ये पेशे से शिक्षिका हैं। बगीचे में जरूरत से ज्यादा आम हुए हैं तो उन्हें सड़क किनारे बैठकर बेचने में यह बात आड़े नहीं आई कि वे झारखंड के बड़े नेता की बेटी हैं। आठ बार सांसद, चार बार केंद्रीय मंत्री और दो बार विधायक रहे करिया का जीवन आज के राजनेताओं के लिए एक मिसाल है। व्यक्तिगत जीवन बिल्कुल वैसा ही जैसा अब से चार दशक पहले था, जब वह पहली बार सांसद चुने गए थे। झारखंड के आदिवासियों के संसद में अकेले प्रतिनिधि। आज भी गांव आते हैं तो वैसे ही खेतों में हल-कुदाल चलाते हैं तालाब में नहाते हैं। नक्सली हिंसा के लिए देश के सबसे खतरनाक खूंटी जिले में मामूली सुरक्षा के साथ घूमते हैं।

सिमुलतला आवासीय विद्यालय की कामयाबी पर झूमा बिहार




--फ़ैसल रहमानी
Purvanchal Post's photo.
जमुई। नेतरहाट के तर्ज़ पर मिनी शिमला के नाम से मशहूर सिमुलतला जैसे छोटे जगह में सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्रों ने पहले ही साल मैट्रिक की परीक्षा में इतिहास रच दिया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी किए गए मैट्रिक के रिज़ल्ट में बिहार के टॉप टेन 31 छात्रों में से सिमुलतला आवासीय विद्यालय के 30 छात्र-छात्राओं ने स्थान पाया है। मैट्रिक की परीक्षा में सिमुलतला आवासीय विद्यालय से 108 परीक्षार्थी शामिल हुए थे जिसमें 55 छात्र व 53 छात्राएं हैं। पहली बार मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बड़ी कामयाबी हासिल की है जिसमें 487 अंक पाकर कुणाल जिज्ञासु व नीरज रंजन बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं 485 अंक लाकर अभिनव कुमार, मुकुल रंजन दूसरे स्थान पर रहे हैं। तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से सोनू कुमार व विवेक वैभव ने 484 अंक प्राप्त किए हैं। बिहार-झारखंड बंटवारे के बाद सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 9 अगस्त 2010 को सिमुलतला आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया था। सिमुलतला आवासीय विद्यालय में छठे क्लास में नामांकन के लिए लगभग 38 हजार छात्रों में से पहले बैच का चयन किया गया था।
मैट्रिक परीक्षा के टॉप टेन की सूची
नाम अंक रैंक
कुणाल जिज्ञासु 487 1 
नीरज रंजन 487 1
अभिनव कुमार 485 2
मुकूल रंजन 485 2
सोनू कुमार 484 3
विवेक वैभव 484 3
मो. आकिब जावेद 483 4
प्रतिभा कुमारी 483 4
मो.अशफाक खालिद 483 4
खुशबू कुमारी 482 5
अभिनव आदर्श 482 5
पल्लवी गुडान 482 5
प्रीति कुमारी 482 5
सूरज कुमार 482 5
शिवम राज 482 5
मुस्कान कुमारी 482 5
अमन कुमार 482 5
शुभम राज 481 6
साकेत कुमार 480 7
विकास कुमार 479 8
कमलेश कुमार 479 8
रोहित कुमार 479 8
कुमार आर्यभट्ट 478 9
अमन कुमार 478 9
अनुराग अंकित 478 9
विवेक कुमार 478 9
कशिश 478 9
अभिषेक कुमार 477 10
धीरज कुमार 477 10

योग दिवस पर बिहार के कदावर नेता लालू प्रसाद ने 22 मिनट के दरम्यान एक के बाद एक 7 ट्वीट किये



आज योग दिवस है तो पक्ष और विपक्ष में बाते तो होगी ही । किन्तु सबसे अधिक कमाल रहा आज बिहार के कदावर नेता लालू प्रसाद ने 22 मिनट के दरम्यान एक के बाद एक 7 ट्वीट किये । आप भी पढ़े वह ट्वीट ...
1.योग जैसे व्यक्तिगत मसले को प्रचार-प्रसार की मदद से मोदी सरकार अपना PR बनाने में जुटी है। ये शरीर को स्वस्थ बनाने का नहीं राजनीति का योग है.
2. बीजेपी के अधिकांश राष्ट्रीय नेताओं,केंद्रीय मंत्रियों,आरएसएस के पदाधिकारियों की तोंद फुली हुई है.भाजपा के नेताओं की चर्बी अधिक बढ़ गयी है.

3. अगर ये भाजपाई योग के इतना ही हिमायती होते जितना की ये शोरगुल मचा रहे है तो इनकी तोंद इतनी नहीं फूलती?
4. योग करने वाले अलग ही दिखते है फिर एकदिन के लिए ये सब ढकोसला क्यों?मैं योग का विरोधी नहीं पर लोगों को बेवकूफ बनाने के पाखंड का धुर विरोधी हूँ
5. हमारे देश में करोड़ों लोग भूखे सोते हैं. रिक्शा चलाने वाले को योग की क्या जरूरत? मजदुर को योग की क्या जरुरत जो दिन भर शारीरिक श्रम करता है.
6. किसान पुरे दिन कसरत करता है, खेत-खलिहान में पसीना बहाता है। उन गरीबो और कमेरे वर्गों को योग की जरुरत नहीं जो मेहनत की रोटी खाते है.
7 जो सुख प्राप्ति का जीवन जी रहा है, पूंजीपतियों को गरीबों का खून चुसवा रहा है, किसानों की ज़मीन निगल रहा है वह योग करेगा और करवाएगा.