Advertisement

Advertisement

यहाँ भी बहुत कुछ है।

यहाँ भी बहुत कुछ है।

यहाँ भी बहुत कुछ है।

यहाँ भी बहुत कुछ है।

यहाँ भी बहुत कुछ है।

Pages

Sunday, June 21, 2015

लोकसभा के डिप्टी स्पीकर करिया मुंडा की टीचर बेटी बेच रही है आम


--फ़ैसल रहमानी

आम बेचने वाली यह महिला आम नहीं है। लगातार आठ बार सांसद व लोकसभा के डिप्टी स्पीकर रह चुके करिया मुंडा की बेटी हैं चंद्रावती सारू। ये पेशे से शिक्षिका हैं। बगीचे में जरूरत से ज्यादा आम हुए हैं तो उन्हें सड़क किनारे बैठकर बेचने में यह बात आड़े नहीं आई कि वे झारखंड के बड़े नेता की बेटी हैं। आठ बार सांसद, चार बार केंद्रीय मंत्री और दो बार विधायक रहे करिया का जीवन आज के राजनेताओं के लिए एक मिसाल है। व्यक्तिगत जीवन बिल्कुल वैसा ही जैसा अब से चार दशक पहले था, जब वह पहली बार सांसद चुने गए थे। झारखंड के आदिवासियों के संसद में अकेले प्रतिनिधि। आज भी गांव आते हैं तो वैसे ही खेतों में हल-कुदाल चलाते हैं तालाब में नहाते हैं। नक्सली हिंसा के लिए देश के सबसे खतरनाक खूंटी जिले में मामूली सुरक्षा के साथ घूमते हैं।

सिमुलतला आवासीय विद्यालय की कामयाबी पर झूमा बिहार




--फ़ैसल रहमानी
Purvanchal Post's photo.
जमुई। नेतरहाट के तर्ज़ पर मिनी शिमला के नाम से मशहूर सिमुलतला जैसे छोटे जगह में सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्रों ने पहले ही साल मैट्रिक की परीक्षा में इतिहास रच दिया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी किए गए मैट्रिक के रिज़ल्ट में बिहार के टॉप टेन 31 छात्रों में से सिमुलतला आवासीय विद्यालय के 30 छात्र-छात्राओं ने स्थान पाया है। मैट्रिक की परीक्षा में सिमुलतला आवासीय विद्यालय से 108 परीक्षार्थी शामिल हुए थे जिसमें 55 छात्र व 53 छात्राएं हैं। पहली बार मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बड़ी कामयाबी हासिल की है जिसमें 487 अंक पाकर कुणाल जिज्ञासु व नीरज रंजन बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं 485 अंक लाकर अभिनव कुमार, मुकुल रंजन दूसरे स्थान पर रहे हैं। तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से सोनू कुमार व विवेक वैभव ने 484 अंक प्राप्त किए हैं। बिहार-झारखंड बंटवारे के बाद सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 9 अगस्त 2010 को सिमुलतला आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया था। सिमुलतला आवासीय विद्यालय में छठे क्लास में नामांकन के लिए लगभग 38 हजार छात्रों में से पहले बैच का चयन किया गया था।
मैट्रिक परीक्षा के टॉप टेन की सूची
नाम अंक रैंक
कुणाल जिज्ञासु 487 1 
नीरज रंजन 487 1
अभिनव कुमार 485 2
मुकूल रंजन 485 2
सोनू कुमार 484 3
विवेक वैभव 484 3
मो. आकिब जावेद 483 4
प्रतिभा कुमारी 483 4
मो.अशफाक खालिद 483 4
खुशबू कुमारी 482 5
अभिनव आदर्श 482 5
पल्लवी गुडान 482 5
प्रीति कुमारी 482 5
सूरज कुमार 482 5
शिवम राज 482 5
मुस्कान कुमारी 482 5
अमन कुमार 482 5
शुभम राज 481 6
साकेत कुमार 480 7
विकास कुमार 479 8
कमलेश कुमार 479 8
रोहित कुमार 479 8
कुमार आर्यभट्ट 478 9
अमन कुमार 478 9
अनुराग अंकित 478 9
विवेक कुमार 478 9
कशिश 478 9
अभिषेक कुमार 477 10
धीरज कुमार 477 10

योग दिवस पर बिहार के कदावर नेता लालू प्रसाद ने 22 मिनट के दरम्यान एक के बाद एक 7 ट्वीट किये



आज योग दिवस है तो पक्ष और विपक्ष में बाते तो होगी ही । किन्तु सबसे अधिक कमाल रहा आज बिहार के कदावर नेता लालू प्रसाद ने 22 मिनट के दरम्यान एक के बाद एक 7 ट्वीट किये । आप भी पढ़े वह ट्वीट ...
1.योग जैसे व्यक्तिगत मसले को प्रचार-प्रसार की मदद से मोदी सरकार अपना PR बनाने में जुटी है। ये शरीर को स्वस्थ बनाने का नहीं राजनीति का योग है.
2. बीजेपी के अधिकांश राष्ट्रीय नेताओं,केंद्रीय मंत्रियों,आरएसएस के पदाधिकारियों की तोंद फुली हुई है.भाजपा के नेताओं की चर्बी अधिक बढ़ गयी है.

3. अगर ये भाजपाई योग के इतना ही हिमायती होते जितना की ये शोरगुल मचा रहे है तो इनकी तोंद इतनी नहीं फूलती?
4. योग करने वाले अलग ही दिखते है फिर एकदिन के लिए ये सब ढकोसला क्यों?मैं योग का विरोधी नहीं पर लोगों को बेवकूफ बनाने के पाखंड का धुर विरोधी हूँ
5. हमारे देश में करोड़ों लोग भूखे सोते हैं. रिक्शा चलाने वाले को योग की क्या जरूरत? मजदुर को योग की क्या जरुरत जो दिन भर शारीरिक श्रम करता है.
6. किसान पुरे दिन कसरत करता है, खेत-खलिहान में पसीना बहाता है। उन गरीबो और कमेरे वर्गों को योग की जरुरत नहीं जो मेहनत की रोटी खाते है.
7 जो सुख प्राप्ति का जीवन जी रहा है, पूंजीपतियों को गरीबों का खून चुसवा रहा है, किसानों की ज़मीन निगल रहा है वह योग करेगा और करवाएगा.

Thursday, May 28, 2015

काश! दिलीप सॉरी कह देते तो मधु उनकी हो जाती।





वीर विनोद छाबड़ा 
दिलीप कुमार इश्क के मामले में हमेशा बदक़िस्मत रहे हैं। कामिनी कौशल से उनका लंबा इश्क़ चला। लेकिन कामिनी शादी शुदा थी। उसका पति बीएस सूद बंदूक लेकर सेट के आस पास घूमता रहता। फिर दिलीप किसी शादी-शुदा का घर तोड़ने की तोहमत अपने ऊपर लेना नही चाहते थे। 
दिलीप के दिल को अगला पड़ाव मधुबाला की दहलीज़ पर मिला। दोनों साथ-साथ तराना, संगदिल और अमर कर चुके थे। ‘नया दौर’(१९५७) फ्लोर पर थी। मधु भी जल्दी ही दिलीप के दिल के दरवाजे़ पर दस्तक देने लगी। दोनों बेसाख्ता मोहब्बत में डूब गये। परंतु मधु के निठल्ले पिता अताउल्लाह खान इस रिश्ते के सख़्त खि़लाफ़ थे। उन्हें डर था कि अगर कमाऊ चिड़िया हाथ से उड़ गयी तो दर्जन भर लोगों का परिवार कौन चलायेगा? इसी मुद्दे पर मधु इमोशनल हो जाती और दिलीप कुमार से दूर जाने की कोशिश करती। लेकिन बेमुरुव्वत मोहब्बत दूर होने न देती। मधु की हालत न जीने की थी और न मरने की। ऐसा ही कुछ दिलीप के साथ भी था। मगर मधु के पिता फूटी आंख नहीं सुहाते थे।
बी.आर.चोपड़ा से ‘नया दौर’ की शूटिंग के अनुबंध को लेकर अताउल्लाह खान का झगड़ा हुआ। मामला अदालत तक जा पहंचा। दिलीप ने बी.आर.चोपड़ा के पक्ष में गवाही दी। बताते हैं कि भरी अदालत ने दिलीप ने ऐलान किया कि वो मधुबाला से बेसाख़्ता मोहब्बत करते हैं। असर यह हुआ कि मधुबाला ‘नया दौर’ से बाहर हो गयी और साथ ही दिलीप की ज़िंदगी से भी। बाद में केस भी चोपड़ा के पक्ष में गया। लेकिन दिलीप के कहने पर बी.आर.चोपड़ा ने मधु को जिल्लत से बचाने के लिए केस वापस ले लिया। 
मधु ने किसी से कहा -आपकी चाहत यहां थी। मोहब्बत यहां थी। फिर आपने ऐसा क्यों किया? चोपड़ा साहब का साथ दे दिया। 
मगर दिलीप और मधु एक दूसरे के दिल से नहीं गये। निजी जिंदगी का असर प्रोफेशनल रिश्तों पर नहीं आये। इसके बहाने ‘दोनों मुगल-ए-आज़म’ करते रहे। मोहब्बत की झूठी कहानी पे रोये...इस गाने में मधुबाला ने मानों दिल का हाल कह डाला। एक और सीन था जिसमें दिलीप कुमार एक पंख मधुबाला के चेहरे से छुआ कर मोहब्बत का इज़हार करते हैं। यह तस्वीर विश्व प्रसिद्ध लव सीन में शुमार की गयी। 
मधु के दिल में एक उम्मीद की किरण हमेशा रही। मधु ने दिलीप कुमार को पैगाम भिजवाया - साहेब मैं आपसे शादी करना चाहती हूं। बस एक बार आप अब्बू को सॉरी कह दें। अब्बू आपको गले लगा लेगें। सारे गिले-शिकवे जाते रहेंगे। घर के गोशे-गोशे में शहनाई गूंज उठेगी। आप सेहरा बांध कर आयेंगे। मैं तो कबसे 'कबूल' कहने को बेताब हूं। 
मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। सख्त नफरत के चलते दिलीप को अताउल्लाह खान से सॉरी कहना गवारा न था। और मधु बाप को नहीं छोड़ सकती थी। 
ये नामुराद दिल होता ही ऐसा है। बात-बात पर टूटता है और सख़्त इतना कि पत्थर पिघल जाये मगर दिल नहीं। 
दिलीप ने जब १९६६ में सायरा बानो से शादी की तो मधुबाला ने कहा- साहब मेरे हिस्से में थे ही नहीं। जिसका था वो ले गयी। 
२३ फरवरी, १९६९ को मधु तमाम दुख-दर्द और हसरतें लिये इस दुनिया से रुखसत हो गई। उनकी ख्वाईश थी कि उनके जनाज़े में साहेब शामिल न हों। इत्तिफ़ाक़ से उस दिन दिलीप शूटिंग के सिलसिले में बंबई में नहीं थे। जब लौटे तो सीधे मधुबाला की कब्र पर गये और...। 


  • वीर विनोद छाबड़ा  के फेस बुक वाल से आभार 

फरीदाबाद कि बल्लभगढ़ का गाँव अटाली जहाँ कि अल्पसंख्यक खौफ से जी रहे हैं !




नवेद चौधरी
बल्लभगढ़ का एक गाँव अटाली जो की फरीदाबाद स्तिथ है । जहाँ बीते दो दिनों से क़ौमी एकता को ताख में रख कर तनाव बड़ा हुआ है । बात कुछ इतनी सी थी के गाँव के दबंग (जाट और ठाकुर) गाँव में मस्जिद बनने देना नही चाहते जबकि मस्लिम अपनी इबादतगाह बनाने के लिय कई सालों से चंदा वगेरा कर के मस्जिद की तामीर कराना चाहते थे ।
सोमवार को मस्जिद का लेंटर डाला गया जो की दबंगों को नही भाया और नमाज़ पड़ते लोगो पर पथराव शुरू करदिया गया ।।
ठाकुर और जाटो ने पथराव में पहल करते हुए ।काफ़ी लोगो को नुक्सान पोह्चाया।पुलिस के आने के बाद मामला ठंडा हुआ और धारा 144 लगा दी गई ।

रात होते होते लोगो का गुस्सा बढ गया और गाँव में मुस्लिमो के 25 30 घरों गाड़ियों और मस्जिद को आग के हवाले करदिया गया ।कुछ लोगो और बच्चों और दो लड़कियों को जलाने की भी बात सामने आई है ।करीबन 40 50 लोग घायल हुए जिन्हें बल्लभगढ़ सिटी में हस्पताल में भर्ती कराया गया ।कुछ लोग तो इतने डरे सहमे हुए हैं की अपने घरों को वापस जाने तक को तैयार नही हैं साथ ही साथ जैसे थे वेसे ही अपने घर बार छोड़ कर पलायन करने को मजबूर हैं ।लाइट और पंखे जैसे थे वेसे ही खुले छोड़ कर गाँव वाले भागने को मजबूर थे ।।
मस्जिद के छत। पर कई गैस सिलिंडर फाड़ने की भी खबरे आरहीं हैं साथ ही साथ जनता पुलिस प्रशासन की भी नाक़ामी को गिना रही है लोग कह रहें हैं की पुलिस ने हमारा बिलकुल भी साथ नही दिया और न ही हमलावरों को रोका गया ।3 से 4 घंटे तक वो लोग अपनी मनमानी करते रहे और पुलिस तमाशबीन बन कर देखती रही ।
अभी थोड़ी देर पहले की अगर बात करें तो हमे यह पता लगा है की अटाली गाँव में फ़िर से आग ज़नी और फायरिंग हुई है ।।
मेरा सवाल बस इतना सा भाजपा सरकार से की अगर वो अल्प्संखिय्को को सुरक्षा नही दे सकते तो प्रधानमंत्री को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए ।जबसे भाजपा सरकार आई तबसे आज तक ऐसे अनेको मामले सामने आये हैं ।।
और इनके निशाने पर अल्पसंख्यक ही हैं फ़िर वो चाहें मुस्लिम हों इसाई हों या फ़िर दलित ।।




खूब हुई विकास की बात यार
अबकी बार दंगो की सरकार
जल्द ही नई अपडेट देने की कोशिश करेंगे


  • नवेद चौधरी के फेस बुक वाल से आभार 


Wednesday, May 27, 2015

मैं बिफ खाता हुं रोक सको तो रोक लो - गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू

गोमांस पर केंद्रीय राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की ‘नागवार सलाह’ पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने मंगलवार को यहां कि वे नकवी के इस बयान को आपत्तिजनक मानते हैं कि गोमांस खाने वाले पाकिस्तान चले जाएं। रिजिजू ने इस बयान को अवांछनीय बताया।

केंद्रीय मंत्री बनने के बाद पहली बार एजल की दो दिनी यात्रा पर आए रिजिजू ने पत्रकारों से कहा कि वैसे राज्य जहां हिंदू बहुसंख्यक हैं, वहां गो हत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बना सकते हैं। लेकिन पूर्वोत्तर राज्यों पर इसे थोपा नहीं जा सकता। यहां बहुसंख्य लोग गोमांस खाते हैं।
     गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू

Tuesday, May 26, 2015

गया ज़िला जदयू अघ्यक्ष पर जानलेवा हमला, 1 की मौत, 2 घायल


          -- फैसल रहमानी
         गया ज़िला जदयू अध्यक्ष अभय कुशवाहा के निवास पर पार्सल बम फटने से 1 व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 2
गंभीर रूप से घायल हो गए। पार्सल बम श्री कुशवाहा के कुजापी स्थित निवास के पते पर भेजा गया था जिसे खोलते ही ज़बरदस्त विस्फ़ोट हुआ जिसमें घर का नौकर मारा गया। घायलों को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के समय श्री कुशवाहा अपने घर पर मौजूद नहीं थे। घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चला है। इस बीच एसएसपी मनु महाराज ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया और कहा कि हालांकि पार्सल भेजने और पहुंचाने वाले का अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है लेकिन जल्दी ही इसका पता लगा लिया जाएगा। जदयू कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राजनीतिक साज़िश के तहत श्री कुशवाहा पर जानलेवा किया गया है।